चीफ़ विजय कुमार अग्रहरी। समाज जागरण
सोनभद्र। घोरावल क्षेत्र के कोहरथा गांव में श्रीरामलीला के ताड़का वध का मंचन किया गया। ताड़का का वध भगवान राम ने किया था. ताड़का एक राक्षसी थी, जिसने ऋषि-मुनियों को परेशान किया करता था. ताड़का के वध के बाद, भगवान राम ने विश्वामित्र के सिद्धाश्रम में सुबाहु जैसे राक्षसों का भी वध किया ।परिणामस्वरूप ऋषि अगस्त्य ने शाप दे कर ताड़का की सुन्दरता को नष्ट कर दिया और वह अत्यंत कुरूप हो गई। अपनी कुरूपता को देखकर और अपने पति की मृत्यु का बदला लेने के लिये ताड़का ने अगस्त्य मुनि के आश्रम को नष्ट करने का संकल्प किया। इसलिये ऋषि विश्वामित्र ने ताड़का का वध राम के हाथों करवा दिया। यह जानकारी व्यासपीठ एवं विश्व हिन्दू परिषद काशी प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख नरसिंह त्रिपाठी ने दिया। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष रामखेलावन सिंह डायरेक्टर सुरेन्द्र पाठक कोषाध्यक्ष रामौतार सिंह, उपाध्यक्ष सुरेश पाठक, हनुमान प्रसाद महामंत्री कामेश्वरि प्रसाद मंत्री शिवदास, शिवसागर दिवाकर पाठक, प्रवीण त्रिपाठी, रामरुप आदिवासी, कैलाश आदीवासी, चंद्रशेखर, सुरेन्द्र अग्रहरि, रामप्यारे, धीरज अग्रहरि, सुनील तिवारी, रमेश पाठक, अक्षत, सहस, अटल, समस्त क्षेत्रवासी गण उपस्थित थे।

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