हजारों रुपये खर्च होने के बावजूद पेयजल सुविधा बदहाल, ग्रामीणों ने मरम्मत और जांच की मांग की
डाला, सोनभद्र, 02 दिसंबर 2025: कोटा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव के कई मोहल्लों में हैंडपंप और सोलर वाटर पंप महीनों से खराब पड़े हैं, लेकिन मरम्मत के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल हैंडपंप सामग्री और मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये भेजे जाते हैं, फिर भी बुनियादी पेयजल सुविधा बदहाल है।
🔹 प्रमुख शिकायतें
- प्रेमनाथ के घर के सामने सोलर वाटर पंप: कुछ ही दिनों में खराब हो गया, हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी लगातार बंद रहता है।
- वार्ड नं.1, मोती भारती के घर के पास हैंडपंप: लंबे समय से बंद।
- सुरेश खरवार के घर के पास हैंडपंप: बंद पड़े होने के कारण लोग दूर-दूर से पानी ला रहे हैं।
- दशरथ शर्मा के घर के पास हैंडपंप: कई महीनों से खराब।
- मझौली कोटा, राम अवध भारती के घर का नल कनेक्शन: टूटा हुआ, शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं।
🔹 ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने साफ कहा कि पानी एक मूलभूत आवश्यकता है और इस पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्राम पंचायत सदस्य एवं युवा समाजसेवी कन्हैया लाल ने बताया कि समय-समय पर शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कन्हैया कुमार ने सवाल उठाया—
“जब हर महीने हैंडपंप सामग्री और मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो गांव में पेयजल व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों है? आखिर यह पैसा कहां जा रहा है?”
ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी खराब हैंडपंप और सोलर पंपों की मरम्मत कराई जाए और कथित अनियमितताओं की जांच की जाए।
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