श्रीभूमि संवाददाता, दैनिक समाज जागरण: श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के लालछड़ा जीपी के अंतर्गत स्थित लालछड़ा 21 नंबर मॉडल आंगनवाड़ी केवल नाम में ही मॉडल है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
💧 पीने के पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव
एक शिक्षिका ने बताया कि केंद्र में शुद्ध पीने के पानी और बिजली कनेक्शन की सुविधा नहीं है।
“हमारे आंगनवाड़ी का छत का हिस्सा टूटकर गिर रहा है, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। बच्चों को डर-डर कर पढ़ाई कराई जा रही है क्योंकि अगर छत का कोई टुकड़ा सिर पर गिरा तो क्या होगा, इसका कोई समाधान नहीं हो रहा है।”
क्लास के दरवाजे और शौचालय में पानी की सुविधा भी अनुपलब्ध है। बच्चों को पानी अपने घर से लाना पड़ता है।
🏗️ निर्माण कार्य पूरा, लेकिन गुणवत्ता की कमी
जानकारी के अनुसार, मॉडल आंगनवाड़ी का निर्माण 2022 में शुरू हुआ था, और इस पर सरकार ने लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य गाइडलाइन के अनुसार पूरा नहीं हुआ।
- भवन की स्थिति खस्ता और कमजोर है।
- निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
- अन्य मॉडल स्कूलों के मुकाबले यह भवन छोटा है।
इससे स्पष्ट है कि सरकार के खर्च किए गए पैसों का उचित उपयोग नहीं हुआ।
👶 बच्चों और अभिभावकों की चिंता
शिशु शिक्षा और बाल विकास के लिए बनाई गई सुविधाओं से बच्चों को वंचित रखा गया है। अभिभावकों ने कहा कि जो सुविधाएं आवश्यक हैं, जैसे पानी, सुरक्षित भवन और बिजली, उनका प्रबंध नहीं है।
📢 मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित
इस गंभीर स्थिति के संदर्भ में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और शिक्षा मंत्री रनोज पेगु का ध्यान आकर्षित किया गया है। अभिभावकों और शिक्षकों की मांग है कि बच्चों के भविष्य और जनकल्याण के हित में तुरंत कदम उठाए जाएं।
🔹 निष्कर्ष
लालछड़ा 21 नंबर मॉडल आंगनवाड़ी केवल नाम में मॉडल है, लेकिन बच्चों को वास्तविक सुविधाओं से वंचित रखा गया है। इस केंद्र की स्थिति सुधारने के लिए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।



