फर्जी दस्तावेज का मामला, पीड़ित वर्षो सरकारी दफ्तरों का लगा रहा चक्कर
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
जिले के महेशबथना गांव निवासी देवशरण ऋषिदेव ने जिलाधिकारी विशाल राज को आवेदन देकर अपनी पुश्तैनी जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा फर्जी रजिस्ट्री से हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। वही पीड़ित देवशरण ने बताया कि जमीन नाना स्व. लदू मुसहर को खतियान से प्राप्त है,उक्त भूमि पर भूमाफियाओं ने फर्जी दस्तावेज बनाकर जबरन कब्जा कर मकान बना लिया है। पीड़ित ने बताया मैं अपने परिवार के भरण पोषण व रोजी रोटी के लिए कई सालों से दूसरे राज्य में काम कर रहे थे, उसी दौरान भू-माफियाओ ने गलत लोगों को खड़ा कर जमीन कि रजिस्ट्री कर उसमें मकान निर्माण कार्य कर लिया। पीड़ित द्वारा दिए गए आवेदन में मौजा चकला में 1 एकड़ 22 डिसमिल जमीन, जिसमें खाता नं. 136 और खेसरा नं. 1297/10D, 1298/24D, 1299/31D, 1347/06D, 1292/07D, 1293/42D पुश्तैनी संपत्ति है। देवशरण के पूर्वज इस जमीन पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। पीड़ित देवशरण ऋषि ने बताया कि 2017 में उनकी मां मेरूनिया देवी की मृत्यु के बाद चार भूमाफिया नुरूल, मो. रफीक उम्र, वहाव हाजी और लतीफ सभी लहरा चौक के निवासी ने हथियारों और गुंडों के बल पर उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर इन लोगों ने उन्हें लाठी – डंडों और जूता-चप्पल से मारा, जातिसूचक गालियां दीं, और जान से मारने की धमकी दी।भूमाफियाओं ने कथित तौर पर रजिस्ट्री कार्यालय में फर्जी दस्तावेज बनवाकर जमीन का आधा हिस्सा अपने नाम करवा लिया और उस पर मकान बनाकर किराए पर दे दिया। देवशरण ने रजिस्ट्री की द्वितीय प्रति निकलवाकर पाया कि दस्तावेज जाली हैं और उनका हस्ताक्षर नहीं है। इसके पहले भी पीड़ित देवशरण ने जिला पदाधिकारी को आवेदन दिया था, जिसके बाद एसडीएम और डीसीएलआर को जांच सौंपी गई थी। हालांकि, पीड़ित द्वारा यह आरोप है कि भूमाफियाओं ने पैसे के दम पर जांच को दबा दिया। बाद में, अंचल अधिकारी, किशनगंज ने जांच के बाद देवशरण के पक्ष में आदेश भी पारित किया था, जिसके बाद भी पीड़ित देवशरण के नाम का जमाबंदी नही कटा। देवशरण ने जिला पदाधिकारी से मांग की है कि भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी जमीन को कब्जामुक्त करवाया जाए। यह मामला किशनगंज में भूमाफियाओं की दबंगई और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।



