नोएडा। सेक्टर 62 स्थित आईएमएस लॉ कॉलेज में पाँच दिवसीय लीगल एनरिचमेंट प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंगलवार से सोमवार तक आयोजित इस कार्यक्रम में व्याख्यान, इंटरैक्टिव सत्र, मॉक ट्रायल, प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल की गयी। जिसमें गणमान्य अतिथि, विधि विशेषज्ञों, संकाय सदस्य एवं छात्रों को एक मंच पर साथ लाकर नए शैक्षणिक सत्र की यादगार शुरुआत की गयी।

कार्यक्रम के पहले दिन आईएमएस के महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) विकास धवन, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. गोविंद प्रसाद गोयल एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम हसन ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। छात्रों को संबोधित करते हुए प्रोफेसर (डॉ.) विकास धवन ने कहा कि आप अपने शैक्षणिक सफर की शुरुआत पूरे समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ करेंगे तो आगे की राह स्वतः ही सरल और सफल हो जाएगी। कार्यक्रम के दूसरे दिन सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड श्री निशांत श्रीवास्तव ने छात्रों से विधि व्यवसाय की चुनौतियों एवं अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को मूट कोर्ट मॉक ट्रायल कराया गया जिसमें छात्रों ने अदालत की कार्यवाही का वास्तविक अनुभव प्राप्त की।
कार्यक्रम के तीसरे दिन एफएसएसएआई के डिप्टी डायरेक्टर बिपिन पर्चा ने जन स्वास्थ्य में विधि की भूमिका पर प्रकाश डाला। चौथे दिन एडवोकेट रॉबिन राजू ने छात्रों को विधि व्यवसाय में नैतिकता और उत्तरदायित्व के महत्व पर जागरूक किया। वहीं सोमवार को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समापन सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों के गीत, संगीत, नृत्य और नाटक ने परिसर को उत्साह और रंगों से भर दिया। समापन सत्र के दौरान डॉ. अंजुम हसन एवं डॉ. गोविंद प्रसाद गोयल ने कहा कि विधि शिक्षा केवल धाराओं और संहिताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रचनात्मकता और समुदाय की भावना भी निहित है। उन्होंने कहा कि जब विधि और संस्कृति मिलते हैं, तब शिक्षा जीवन का रूप ले लेती है।
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