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मानगो नगर निगम के आंदोलन के बीच मेयर सुधा गुप्ता की शालीनता ने जीता सबका दिल, विरोधी भी हुए प्रशंसक

दैनिक समाज जागरण 27.07.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर

जमशेदपुर मानगो नगर निगम में विभिन्न मांगों और विकास कार्यों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर शालीनता, संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादा की नई मिसाल पेश की। नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता ने अपने व्यवहार और राजनीतिक संस्कार से न केवल आंदोलनकारियों का सम्मान किया, बल्कि विरोधी पक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं का भी दिल जीत लिया।


नगर निगम कार्यालय पहुंचने के दौरान मेयर सुधा गुप्ता सीधे धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने वहां मौजूद आंदोलनकारियों का मुस्कुराकर अभिवादन किया और सभी का कुशलक्षेम पूछा। इसके बाद वे धरने पर बैठे विधायक सरयू राय के पास गईं, उनका सम्मानपूर्वक अभिवादन किया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस सहज और सौहार्दपूर्ण व्यवहार ने वहां उपस्थित लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।


इसके बाद मेयर ने एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अभिभावक की भूमिका निभाते हुए धरना स्थल पर बैठे लोगों के लिए पानी की बोतलों की व्यवस्था कराई। साथ ही लड्डू भेजकर सभी का मुंह मीठा कराया। राजनीतिक विरोध के माहौल में इस प्रकार का आत्मीय व्यवहार चर्चा का विषय बन गया। उपस्थित लोगों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शिष्टाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


धरना समाप्त होने के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के नेता पप्पू सिंह, नीरज सिंह तथा अन्य कार्यकर्ता अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने मेयर कक्ष पहुंचे। मेयर सुधा गुप्ता ने सभी का खड़े होकर स्वागत किया और सम्मानपूर्वक अभिवादन किया। उन्होंने पप्पू सिंह और नीरज सिंह को अपने हाथों से लड्डू खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया तथा सभी कार्यकर्ताओं का ज्ञापन गंभीरता से स्वीकार किया।


ज्ञापन लेने के बाद मेयर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े किसी भी विकास कार्य में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के हितों की रक्षा करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार, अनियमितता या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी, संवेदक या अन्य संबंधित व्यक्ति अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतता है तो उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मेयर के इस स्पष्ट और संतुलित संदेश को उपस्थित लोगों ने सकारात्मक रूप में लिया। एक ओर उन्होंने विकास कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं दूसरी ओर गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता न करने का भरोसा भी दिया।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों के बीच मेयर के व्यवहार की काफी चर्चा रही। राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ उन्होंने आंदोलनकारियों का अभिवादन किया, उससे कई लोग प्रभावित दिखाई दिए। विरोधी पक्ष के कई कार्यकर्ताओं ने भी अनौपचारिक बातचीत में स्वीकार किया कि लोकतंत्र में असहमति के बावजूद संवाद और सम्मान बनाए रखना एक जनप्रतिनिधि का महत्वपूर्ण गुण होता है।


मानगो नगर निगम में जारी आंदोलन के बीच मेयर सुधा गुप्ता के इस व्यवहार ने राजनीतिक शालीनता और लोकतांत्रिक संस्कृति की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत की। उनके व्यवहार, संवाद और स्पष्ट प्रशासनिक संदेश की चर्चा पूरे नगर निगम क्षेत्र में होती रही। अनेक लोगों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों के बीच यदि इसी प्रकार सम्मानजनक संवाद और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की परंपरा कायम रहे तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।


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