नरहट पुलिस का अमानवीय चेहरा आया सामने, महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा, दौड़ा-दौड़ाकर पीटा*

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*पीड़ितों ने की नरहट थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग*

*रीता कुमारी*
*ब्यूरो चीफ, दैनिक समाज जागरण*

*नवादा।* नरहट पुलिस पर ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने का आरोप लगा है. यह आरोप नवादा जिले के नरहट थानांतर्गत पुनौल के लोगों ने लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि नरहट थानाध्यक्ष सरफराज ईमाम सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई की। महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा. उनकी भी बेरहमी से पिटाई की गयी। नरहट थानाध्यक्ष पूर्व में पकरीबरावां में भी सुर्खियों में रह चुके हैं। वहां भी उनपर कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। हिसुआ विधायक प्रतिनिधि चुन्नू आलम ने घटना की कठोर शब्दों में निन्दा करते हुए पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताया जाता है कि नरहट पुलिस शनिवार की देर शाम पुनौल गांव से गोरे चौहान को हिरासत में लेकर नरहट थाना ले आयी। इसपर गोरे के चौहान ने थानाध्यक्ष सरफराज ईमाम से गिरफ्तारी की वजह पूछी तो बताया गया कि गोरे ने शराब पी रखी थी। तब परिजनों ने थानाध्यक्ष से कहा कि थोड़ी सी शराब पी ली तो उसको पकड़कर ले आये और शराब बेचनेवालों को खुली छूट दे रखे हैं। परिजनों के इतना कहते ही थानाध्यक्ष भड़क उठे और गोरे को छुड़ाने नरहट थाना पहुंचे ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने लगे। पुलिस की इस पिटाई में महिलाएं और बच्चे भी जख्मी हुए। जख्मी लोगों में समुन्द्री देवी, संजू देवी, लाछो कुमारी, जानकी देवी, शुभम कुमार, संतोष चौहान और पंचा देवी को गंभीर चोटें आयी हैं। गंभीर रूप से जख्मी समुद्री देवी और संजू देवी को इलाज के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है।
थानाध्यक्ष सरफराज ईमाम के मुताबिक शराब पीने के आरोप में पुनौल ग्रामीण गोरे चौहान को गिरफ्तार कर थाना लाया गया, जिसे छुड़ाने के लिए दर्जनों की संख्या में उसके परिजन व ग्रामीण थाना पहुंचकर हंगामा करने लगे, जिसे समझा-बुझाकर थाना से बाहर कर दिया गया।