*गुरुद्वारों को एक मंच पर जोड़ने की पहल – डॉ. गुरप्रीत सिंह रम्मी*
गाजियाबाद। एनसीआर के इतिहास में पहली बार गुरुद्वारों को एक साझा मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से “एनसीआर गुरुद्वारा फाउंडेशन” का गठन किया गया। गाजियाबाद में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में एनसीआर के विभिन्न शहरों से आए गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों, सिख समाज के गणमान्य लोगों तथा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों ने भाग लेकर इस पहल का स्वागत किया।

कार्यक्रम में सर्वसम्मति से डॉ. गुरप्रीत सिंह रम्मी (ऑक्सीजन मैन) को फाउंडेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एनसीआर के प्रत्येक शहर से प्रतिनिधियों को जोड़कर एक सशक्त समिति का गठन किया जाएगा, ताकि गुरुद्वारों और संगत से जुड़े मुद्दों को संगठित रूप से उठाया जा सके और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान, पदाधिकारी, सचिव, समिति सदस्य तथा एनसीआर के विभिन्न गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए फाउंडेशन के गठन को समय की आवश्यकता बताया।
फाउंडेशन का लक्ष्य आने वाले समय में एनसीआर के लगभग 300 से 350 गुरुद्वारों को एक मंच पर लाना है। संगठन गुरुद्वारों और सिख समाज से जुड़े धार्मिक, सामाजिक एवं जनहित के विषयों पर समन्वित रूप से कार्य करेगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सिख समाज की आवाज़ को प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जसबीर सिंह रेखी, शमशेर बल, मनवीर सिंह भाटिया, एस.पी. सिंह विंडसर, सरनजीत आनंद एवं गगन अरोड़ा का विशेष सहयोग रहा। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह फाउंडेशन एनसीआर के गुरुद्वारों के बीच सहयोग, समन्वय और एकता को नई मजबूती प्रदान करेगा तथा समाजहित के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रिपोर्ट: रविंद्र आर्य
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