उपाध्यक्ष और सदस्यों ने किया निरीक्षण, गोवंश की देखभाल, चारा-पानी व स्वच्छता व्यवस्था पर दिए सुधार के निर्देश
अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की भी हुई जांच, सुविधाओं की नियमित निगरानी पर जोर
नोएडा, 30 अगस्त। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष एवं सदस्यों ने रविवार को नोएडा स्थित गोशाला का निरीक्षण कर वहां गोवंश के संरक्षण और सेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गोवंश के रखरखाव, साफ-सफाई, चारा-पानी तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की मौके पर समीक्षा की गई। अधिकारियों ने गोशाला में उपलब्ध व्यवस्थाओं और रिकॉर्ड का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
गोवंश के रखरखाव की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान गौ सेवा आयोग के पदाधिकारियों ने गोशाला में मौजूद गोवंश की स्थिति और उनके रखरखाव के बारे में जानकारी ली। गोवंश को उपलब्ध कराए जा रहे चारे और पानी की व्यवस्था को भी देखा गया। इसके अलावा गोशाला परिसर में स्वच्छता और साफ-सफाई की स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने गोवंश के लिए उपलब्ध अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की और संबंधित कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के संचालन के बारे में जानकारी ली।
अभिलेखों और दस्तावेजों की भी जांच
निरीक्षण के दौरान गोशाला में रखे जाने वाले अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों को भी देखा गया। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं से जुड़े रिकॉर्ड को जांचते हुए आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान गोशाला की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके बावजूद गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष ने व्यवस्थाओं में लगातार सुधार करते रहने पर जोर दिया।
व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश
गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि गोवंश की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गोशाला में उपलब्ध व्यवस्थाओं को और बेहतर, मजबूत एवं व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गोवंश के लिए चारा-पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए। इसके साथ ही गोशाला की स्वच्छता व्यवस्था को लगातार बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
नियमित निगरानी पर जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को गोशाला में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि गोशाला की व्यवस्थाओं में समय-समय पर सुधार किया जाना चाहिए, ताकि गोवंश को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि गोवंश के संरक्षण और सेवा में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर जहां भी सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।
संरक्षण और सेवा को प्राथमिकता
गौ सेवा आयोग ने गोवंश के संरक्षण और सेवा को प्राथमिकता देते हुए गोशाला की व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने पर बल दिया। निरीक्षण का उद्देश्य गोशाला में गोवंश के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन करने के साथ व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाना रहा।
आयोग के पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि गोशाला में स्वच्छता, चारा-पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था नियमित रूप से बनी रहे तथा गोवंश की देखभाल में किसी तरह की कमी न हो।
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