समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी।
गर्भवती व धात्री महिलाओं, बच्चों की देखभाल करने वाले अभिभावकों व लाभार्थी के साथ समुदाय के बीच संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य, पोषण व शिक्षा को बढ़ावा देने का दायित्व प्रशिक्षित नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां पूरा करने का कार्य करें।
उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में नवनियुक्त आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने व्यक्त की।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सात दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्राप्त जानकारी के माध्यम से आप सभी अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने का संकल्प लेकर यहां से जाएं।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर पुष्पा सिंह द्वारा प्रशिक्षुओं को आईसीडीएस विभाग का परिचय, लाभार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं, आंगनबाड़ी की भूमिका, पोषण का महत्व, पोषक तत्वों के प्रकार, जीवन के सुनहरे एक हजार दिन, गर्भावस्था के दौरान मातृ पोषण, अनुपूरक पुष्टाहार, प्रधानमंत्री वंदना योजना, वृद्धि निगरानी, पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन, डेली ट्रैकिंग, बाल मैत्री, स्वच्छता सुविधाओं का मानक आदि के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना क्षेत्र सकलडीहा से 05, नौगढ़ से 06, धानापुर से 03, चन्दौली सदर से 03, नगर से 03, चकिया से 12, शहाबगंज से 01, नियामताबाद से 06 व बरहनी से 06 कुल जनपद चन्दौली से चयनित 45 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किया गया।
इस अवसर पर ज्येष्ठ अनुदेशक संजय कुमार सिंह ने कहा कि जिम्मेदारी निभाकर लक्ष्य को पूरा अपने क्षेत्र में करें। सत्र प्रभारी सुरेश तिवारी, चंद्रकुमारी, प्रतिभा पाल, रोशनी, अफसाना, निधि, कँचना, बरखा, अंजनी, निहारिका, मीनाक्षी, अंजू, सलमा, अनिता, पूनम, ज्योति, आरची, प्रिया, गुंजन, सीतामुनी, सरोज, मीनू, बिंदुमती, सपना, संध्या, पूजा, एकता, नेहा, शिवानी, प्रतिमा सहित अन्य की उपस्थिति रही।



