बिजनौर शेरकोट निवासी शाहरुख मलिक एडवोकेट व बिजनौर क्राइम रिपोर्टर ने ” राजनीतिक लोगों को एक संदेश के जरिए की अपील शाहरुख मलिक एडवोकेट व बिजनौर क्राइम रिपोर्टर ने बताया ठंड का मौसम चल रहा है अब तमाम संस्थाए तमाम नेता गरीबों को ठंड से बचाने के लिए आगे आएंगे! गरीबो की लिस्ट बनेगी उन्हें पर्चियां बाटी जाएगी सार्वजनिक स्थानों पर मंच सजेंगे मंच पे कुर्सियां लगेगी! कम्बल वितरण समारोह में किसी कद्दावर नामचीन शख्सियत को मुख्य अतिथि बनाया जाएगा! गरीबो को ठंड से बचाने के लिए कम्बल वितरण के कार्यक्रम की कवरेज के लिए पत्रकारों छायाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा! एक कम्बल पाने की चाहत में गरीब तो दो घण्टे पहली ही कार्यक्रम में पहुच जायेगे ! मंच का संचालन करने वाले माइक से भीड एकत्र करने के लिए माइक थामेंगे! मुख्य अतिथि का आगमन होगा उनकी शान में कसीदे पढे जायेगे उनका माल्यार्पण होगा अब शुरू होगा गरीबो की पहचान कराने का सिलसिला मंच से कम्बल पाने वाले एक गरीब के नाम का एलान कर उसे मंच पर बुलाया जाएगा छायाकारों के कैमरे उस गरीब की गरीबी को कैमरे में कैद करने के लिए तैयार होंगे! गरीब मंच पर पहुंचेगा आयोजन समिति के लोग मुख्य अतिथि के हाथों उस गरीब को कम्बल दिलवाएंगे फिर खिचेंगा अमीर के साथ गरीब का फोटो! अमीरी और गरीबी की पहचान करने वाला ये फोटो छपेगा अखबार में वायरल होगा सोशल मीडिया पर आयोजन समिति गरीबो को 3, सौ रुपये के कम्बल देकर उस गरीब के चेहरे को दुनिया के सामने लाकर उसे गरीबी होने का सर्टिफिकेट दे कर उसकी गरीबी का मजाक उड़ा कर खुद दयावान होने का टिंढोरा पीटने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे ! कम्बल वितरण करने वाले लोग 3 सौ रुपये का कम्बल देकर गरीब की पहचान करा कर उसकी गरीबी का मजाक उडायेंगे लेकिन गरीबी के मारे गरीब मजबूर फिर भी अमीरों को मिल ही जायेंगे! एक कम्बल में अमीर की भी पहचान हो जाएगी गरीब का चेहरा भी बेनकाब हो जाएगा! अमीरों से मेरा हाथ जोड कर निवेदन है कि गरीब को एक कम्बल देकर भले ही अपनी अमीरी का ढिढोरा पीट कर अपने आपको दयावान साबित कीजिए लेकिन गरीब के चेहरों को छुपा कर उसकी मदद कीजिए ताकि उसे एहसास न हो कि वो गरीब है! गरीब अपनी गरीबी पे शर्मिंदा न हो दुनिया के सामने उसकी गरीबी का प्रचार न हो! गरीबो की मदद हो और उसका प्रचार भी हो ताकि दूसरे अमीर भी गरीबो की मदद के लिए आगे आये लेकिन गरीबो की मदद कर समाज सेवा का ढिंढोरा पीटने की इस मुहिम में गरीबो की गरीबी का मजाक न उडे !मुद्री बन्द कर गरीब की मदद करने वाला ईश्वर को पसन्द है आओ मिल कर बढाये हाथ हर गरीब की हो मदद ठंड से न मरे कोई गरीब लेकिन गरीब की गरीबी न हो रुसवा आस पास सभी गरीबो का रखे ख्याल |
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