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भू-जल दोहन और जल प्रदूषण के खिलाफ भारतीय किसान संगठन का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

नोएडा में अवैध कपड़ा रंगाई फैक्ट्रियों और बिल्डर परियोजनाओं पर कार्रवाई की मांग, महानगर अध्यक्ष दीपू यादव ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)। जनपद में लगातार गिरते भू-जल स्तर और भूमिगत जल प्रदूषण का मुद्दा अब जोर पकड़ने लगा है। अवैध बोरिंग, व्यावसायिक रूप से भू-जल के दोहन और कथित तौर पर बिना उपचार के रासायनिक पानी जमीन में बहाने वाली कपड़ा रंगाई फैक्ट्रियों के खिलाफ भारतीय किसान संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के नोएडा महानगर अध्यक्ष दीपू यादव के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि गौतमबुद्ध नगर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर अवैध रूप से कपड़ा रंगाई की फैक्ट्रियां संचालित की जा रही हैं। इन इकाइयों द्वारा बड़े पैमाने पर भू-जल का दोहन करने के साथ ही रसायनयुक्त पानी को बिना समुचित उपचार के जमीन में छोड़ा जा रहा है। संगठन का दावा है कि इससे आसपास के क्षेत्रों में भूमिगत जल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और पानी पीने योग्य नहीं रह गया है।

अवैध रंगाई फैक्ट्रियों को सील कर दर्ज हो एफआईआर

भारतीय किसान संगठन ने मांग की है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित अवैध कपड़ा रंगाई फैक्ट्रियों की जांच कर उन्हें तत्काल सील किया जाए। साथ ही पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर भारी जुर्माना लगाया जाए।

बिल्डर परियोजनाओं में एसटीपी के पानी का हो इस्तेमाल

संगठन ने निर्माणाधीन बिल्डर परियोजनाओं में भू-जल के कथित अवैध दोहन पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में मांग की गई कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं में भू-जल निष्कासन की निष्पक्ष जांच कराई जाए और निर्माण कार्यों में केवल एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से उपचारित पानी के इस्तेमाल को अनिवार्य किया जाए।

अवैध बोरवेल और सबमर्सिबल पर लगे रोक

ज्ञापन में बिना प्रशासनिक अनुमति के व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए संचालित सबमर्सिबल पंप और बोरवेल पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा जिले की सभी बड़ी आवासीय सोसायटियों और संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की तकनीकी जांच कराने तथा वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

डार्क जोन बनने की जताई आशंका, आंदोलन की चेतावनी

महानगर अध्यक्ष दीपू यादव ने कहा कि यदि भू-जल के अनियंत्रित दोहन और जल प्रदूषण पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो नोएडा सहित पूरे गौतमबुद्ध नगर में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि लगातार गिरता भू-जल स्तर जिले को डार्क जोन की स्थिति में पहुंचा सकता है।

उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संगठन की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान संगठन जन-जागरूकता अभियान चलाएगा और पूरे गौतमबुद्ध नगर में व्यापक जन-आंदोलन शुरू करेगा। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

इस मौके पर अशोक यादव, ऋषिपाल शर्मा, अजब सिंह चौहान, हरेंद्र यादव, भूपेंद्र यादव, प्रदीप यादव, विष्णु तिवारी, भानु कुमार सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

भू-जल संरक्षण और जल प्रदूषण का मुद्दा जनपद के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है। भारतीय किसान संगठन द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब देखना होगा कि संबंधित विभागों की ओर से अवैध फैक्ट्रियों, बोरवेल और निर्माण परियोजनाओं की जांच को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।


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