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चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान के एरियर भुगतान में देरी से शिक्षकों में आक्रोश, आर-पार की लड़ाई की तैयारी

एक साल से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटकी पात्र शिक्षकों की सूची, अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने दीपावली से पहले भुगतान की मांग की

कटनी। जिले में 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त लोक सेवकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ती जा रही है। खासतौर पर इस वेतनमान से जुड़े एरियर भुगतान के लिए पात्र शिक्षकों की सूची पिछले करीब एक वर्ष से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबित बताई जा रही है। लगातार ज्ञापन और अधिकारियों से मुलाकात के बावजूद सूची जारी नहीं होने से शिक्षकों में असंतोष गहराता जा रहा है। अब शिक्षक संगठन इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन द्वारा चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर आदेश जारी किए जाने के लगभग एक वर्ष बाद भी कटनी जिले में पात्र शिक्षकों की सूची तैयार कर जारी नहीं की जा सकी है। इस संबंध में जिले के विभिन्न मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों द्वारा जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और जिला शिक्षा अधिकारी को कई बार ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद हर बार एक सप्ताह के भीतर सूची जारी करने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

नए जिला शिक्षा अधिकारी से भी मिला आश्वासन

विगत दिनों अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ की कटनी इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने नवागत जिला शिक्षा अधिकारी सच्चिदानंद पाण्डेय से मुलाकात कर शिक्षकों को हो रहे आर्थिक नुकसान से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पात्र शिक्षकों की सूची तत्काल जारी कर एरियर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तीन दिन के भीतर सूची जारी करने का आश्वासन दिया। हालांकि, लंबे समय से मिल रहे आश्वासनों के कारण अब शिक्षकों को कार्रवाई का इंतजार है।

भ्रष्टाचार की आशंका जताकर उठाए सवाल

अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ के प्रांतीय प्रवक्ता कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर शिक्षकों के आर्थिक हित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रकरण को जिला स्तर पर इतने लंबे समय तक क्यों लटकाया जा रहा है? उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इस देरी के पीछे भ्रष्टाचार या अन्य अनुचित कारण तो जिम्मेदार नहीं हैं? उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की।

दीपावली से पहले भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन

कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान के लिए पात्र शिक्षकों की सूची तत्काल जारी की जाए और दीपावली से पूर्व उनके एरियर का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को उनके वैध अधिकारों से वंचित रखना अन्याय है। शासन के आदेशों का जिला स्तर पर समय से पालन नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। इससे सरकार की छवि भी प्रभावित होती है। अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर शिक्षकों को उनका अधिकार दिलाना जरूरी है।

फिलहाल शिक्षकों की निगाहें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर लगी हैं। देखना होगा कि तीन दिन में सूची जारी करने का दिया गया आश्वासन इस बार धरातल पर उतरता है या फिर शिक्षक संगठनों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।


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