नोएडा समाज जागरण डेस्क
नोएडा 04 मई 2025। सरकार के लाख दावे और वादे के बावजूद गौवंश आज भी कचरा खाने को मजबूर है। न तो गौवंश के लिए कोई उचित व्यवस्था की गई नही तो लाख कोशिशों के बाद शहर से पॉलिथिन पर ही रोक लगाई गई है। कचरे मे शामिल पॉलिथिन सिर्फ गौवंश के लिए खतरना है बल्कि प्राकृतिक वातावरण के लिए भी हानिकारक है।
नोएडा सेक्टर 45 सदरपुर खजूर कॉलोनी की यह तस्वीर जिसमे साफ साफ देखा जा सकता है कि गौवंश कुड़े कचरे से पॉलिथिन उठाकर खा रहे है। योगी सरकार के आदेश और समाज सेवियों गौ सेवकों के जागरुकता अभियानों के बाद भी गौवंश को अगर कचरे के ढेर से प्लास्टिक्स उठाकर खाना पड़ रहा है तो सवाल यही उठता है कि क्या योगी सरकार के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित है।
ये कैसी विडंबना है देवताओं को भी मोक्ष प्रदान करने वाली गौ माता स्वयं नोएडा के विभिन्न सेक्टरों और गाँव के बाहर कचरे घरों मे पॉलिथिन खाने को मजबूर है। एक तरफ जहाँ पंचगव्यों की गुणवता के बारे मे समाजसेवी बखान करते है वही दूसरी तरफ गौवंशों की यह हालत देखकर दुख होता है। शहर मे कई संरक्षण केन्द्र बनाए जाने के बाद भी ऐसी तस्वीरों का आना विभाग के लापरवाही को दर्शाता है। या फिर उन गौवंश पालकों की लापरवाही का नतीजा है जो इन गौवंशों को कचरा खाने के लिए छोड़ देते है।
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