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नोएडा में विद्या भारती की 38वीं क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ

संदीप गर्ग / samajjagran

*नोएडा।** भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर, नोएडा में 5 सितंबर 2026 को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की **38वीं क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता** का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में **बास्केटबॉल एवं बैडमिंटन** के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।



कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि **डोमेश्वर साहू, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र** ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रदेश एवं क्षेत्रीय स्तर के अनेक पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, खेल संयोजक एवं प्रतियोगिता से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

विद्यालय के प्रधानाचार्य **सोमगिरि गोस्वामी** ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि कार्यक्रम के संयोजक शारीरिक आचार्य **रविकांत** रहे। कार्यक्रम में योग, सामूहिक नृत्य और एकल गीत की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।

### ‘खेल को मनोरंजन नहीं, जीवन का अंग बनाएं’

मुख्य अतिथि डोमेश्वर साहू ने खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और नियमों का पालन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्या भारती का पंजीयन वर्ष 1977 में लखनऊ में हुआ था और खेलकूद गतिविधियों की शुरुआत 1989 में ग्वालियर से हुई। उस समय सीमित खेलों से शुरू हुआ यह अभियान आज अखिल भारतीय स्तर पर अनेक खेलों तक पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि **खेल शारीरिक विकास के साथ-साथ बल, साहस, लचीलापन और सहनशीलता का निर्माण करते हैं।** पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के तीन प्रांतों में 1260 विद्यालय संचालित हैं। इनमें कई विद्यालयों के पास खेल मैदान की सुविधा नहीं है, इसके बावजूद विद्यार्थी अपनी इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर अभ्यास कर रहे हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक बहन ने मैदान उपलब्ध नहीं होने के बावजूद सड़क पर अभ्यास करते हुए 3000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया और आगे चलकर पुलिस सेवा में चयनित हुई।

डोमेश्वर साहू ने बताया कि वर्ष 2007 में विद्या भारती को **SGFI में एक यूनिट के रूप में मान्यता** मिलने के बाद संगठन के खिलाड़ी SGFI, खेलो इंडिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने शतरंज जैसे खेलों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे खेलों के लिए मैदान की आवश्यकता नहीं होती और ये बच्चों को मोबाइल की लत से भी दूर रखने में सहायक हो सकते हैं।

उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि **“खेल को मनोरंजन नहीं, जीवन का अंग बनाएं। नियमपूर्वक निरंतर अभ्यास करें, क्योंकि जो खेलेगा, वही खिलेगा।”** उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता से स्वयं, विद्यालय, विद्या भारती और देश का गौरव बढ़ता है।

कार्यक्रम के दौरान **विशोक कुमार** द्वारा प्रतियोगिता की विधिवत घोषणा की गई। वहीं बहन **साक्षी एवं किंजल** ने सभी खिलाड़ियों को खेल शपथ दिलाई।


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