नोएडा में हुई बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन, हिन्दू समाज को संगठित कर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय
समाज जागरण | नोएडा। नेशनल फेडरेशन फॉर हिन्दू राष्ट्र की महत्वपूर्ण बैठक नोएडा के एनएसईजेड, फेज-2 में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार, हिन्दू समाज से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक मुद्दों और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। इस दौरान अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा को सर्वसम्मति से नेशनल फेडरेशन फॉर हिन्दू राष्ट्र का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने उनके निर्वाचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन देशभर में जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाएगा। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन करते हुए केदारनाथ श्रीवास्तव को राष्ट्रीय महासचिव, बनवारी लाल यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तथा एडवोकेट अरुण मिश्रा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
हिन्दू समाज को संगठित करने पर जोर
नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए हिन्दू समाज का संगठित एवं जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन देशभर के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगा।
डॉ. शर्मा के अनुसार, संगठन का लक्ष्य भारत को संवैधानिक रूप से हिन्दू राष्ट्र घोषित कराने के समर्थन में देशव्यापी वैचारिक विमर्श और जनमत तैयार करना है। इसके लिए संत-महात्माओं, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
समान नागरिक संहिता सहित कई मुद्दों पर अभियान
डॉ. शर्मा ने कहा कि फेडरेशन समान नागरिक संहिता लागू करने, पूजा स्थल अधिनियम को समाप्त करने, श्रीकृष्ण जन्मस्थान और काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े विषयों तथा गौहत्या पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने जैसे मुद्दों को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगा।
उन्होंने कहा कि इन विषयों पर संबंधित सरकारों और संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से मांगें रखी जाएंगी। संगठन व्यापक सामाजिक संवाद, संगठनात्मक एकता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
सनातन संस्कृति और विरासत के संरक्षण पर बल
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भारत की पहचान उसकी प्राचीन सभ्यता, सनातन संस्कृति, ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक चेतना से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर व्यापक वैचारिक चर्चा की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सहित विभिन्न देशों में रहने वाले हिन्दुओं की सांस्कृतिक जड़ें सनातन परंपरा से जुड़ी हैं। ऐसे में भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण वैश्विक हिन्दू समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है।
देशभर में संगठन के विस्तार की तैयारी
बैठक में निर्णय लिया गया कि नेशनल फेडरेशन फॉर हिन्दू राष्ट्र का विस्तार विभिन्न राज्यों में किया जाएगा। इसके लिए समान विचार रखने वाले सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों को जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की एकता, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण पर निर्भर करती है। उन्होंने देशवासियों से सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय हित से जुड़े विषयों पर स्वस्थ एवं लोकतांत्रिक संवाद को आगे बढ़ाने की अपील की।
बैठक के अंत में राष्ट्रीय महासचिव केदारनाथ श्रीवास्तव ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



