एन आर सी पाली में भोजन के भी पड रहें लाले
बिरसिंहपुर पाली —- देश में कुपोषण से निपटने के लिए केन्द्र सरकार व्दारा लाया गया संकल्प कुपोषण से जंग, सुपोषण के संग आज भी जिम्मेदार अधिकारियों के सुस्त कार्यशैली के कारण घिसटती नजर आ रही हैं।जबकि मध्यप्रदेश सरकार ने शिशुओं के शारीरिक, मानसिक विकास के लिए महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग को महत्व पूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके तहत महिला बाल विकास विभाग शिशुओं को चिंहित कर उनके परिवार जनों को समझाइश देकर एन आर सी मे भर्ती कराती है और अस्पताल प्रबंधन चिकित्सीय देख रेख में उपचार कम पौष्टिक आहार, व्यवहार से कुपोषित बच्चों को उबरने की जिम्मेदारी निभाया जाना है। इसी उद्देश्य के फलीभूत के लिए आदिवासी विकास खंड पाली में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाली में भी एन आर सी का संचालन किया जा रहा है, लेकिन पाली का यह केन्द्र अस्पताल प्रबंधन के कतिपय अधिकारियों की कमाऊ नीति के चलते कुप्रबंधन का शिकार हो गया है। बताया जाता है की पौष्टिक आहार मिलना तो दूर तय समय पर दो रोटी और दाल मिल जाये तो ऊपर वाले का शुक्र गुजार माना जाये। विदित होवे की यह कुपोषित शिशुओं और उनकी माताओं के हक मे डाका डालने का काम इन दिनों कुछ ज्यादा ही बढ गयी जिसकी गूंज गाँव -गाँव तक सुनाई दे रही है।
खेद जनक कहा जाये की पिछले महीने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाली में दाखिला मरीजों को भोजन न मिलने की खबरें प्रकाश में आयी थी, और अब एन आर सी केन्द्र में भी वही लापरवाही उजागर हुई है, हम यह तो नहीं सकते की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ सी बी एम ओ एन आर सी के हिस्से और अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए आयी धन राशि में मुंह मार रहे हैं जिनसे उन्हें भरपेट भोजन नहीं मिल पा रहा था परन्तु यह तो कहा ही जा सकता है कि वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाली कुप्रबंधन की भीषण रूप से शिकार हो कर रह गयी है जिस पर सी बी एम ओ को खुद ही अस्पताल प्रबंधन की आंतरिक समीक्षा करते हुए इस पर आवश्यक बदलाव कर व्यवस्था को चाक चौबंद बनाने की पहल करेंगे ऐसी जनापेक्षा है।
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