मिंटू कुमार
संवादाता सदर हजारीबाग।
दिनांक 21 जुलाई 2024 गुरु पूर्णिमा के अवसर पर झारखंड प्राइवेट स्कूल संगठन के सचिव प्रभु दयाल कुशवाहा से मुलाकात हुई । इस संदर्भ में उनसे बातचीत के क्रम में गुरु पूर्णिमा के महत्व को इन्होंने बताया। प्रभु दयाल कुशवाहा ने कहा गुरु शिष्य के मधुर संबंध की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। शिष्य गुरु के बिना अधूरा है। जीवन में आगे बढ़ाना है तो किसी न किसी को गुरु मानकर चलना होगा। गुरु के द्वारा दिया गया गुरु मंत्र जीवन को सार्थक बनाता है। अतः गुरु के पास समय निकालकर बातचीत करना और समस्याओं का हल निकालना एक शिष्य का कर्तव्य है। और इस कर्तव्य का पालन हम लोगों को करना चाहिए। काबिल इंसान बनने में गुरु का बड़ा योगदान होता है । अतः गुरु का सम्मान सदैव करना चाहिए। यह बातें सदर प्रखंड स्थित सरौनी कला गांव में उनके आवास पर हुई।
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