नोएडा। आईएमएस डिजाइन एण्ड इनोवेशन एकेडमी (आईएमएस-डीआईए) ने सफलतापूर्वक ओपन-डे 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में डिजाइन करियर को समझने के इच्छुक छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के लिए फैशन, ज्वेलरी, इंटीरियर, कम्युनिकेशन, लग्जरी प्रोडक्ट डिजाइन और फाउंडेशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लाइव वर्कशॉप आयोजित की गईं। आज के वर्कशॉप में प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए रचनात्मक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
आईएमएस-डीआईए के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों और उभरते अवसरों के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि हम नई शिक्षा नीति के तहत स्किल बेस्ड लर्निंग और क्रिएटिव एजुकेशन मॉडल पर विशेष जोर रहे हैं। साथ ही आईएमएस-डीआईए स्कूलों के साथ साझेदारी के माध्यम से छात्रों को शुरुआती स्तर पर ही डिजाइन थिंकिंग, इनोवेशन और प्रैक्टिकल लर्निंग से जोड़ रहा है। चिराग गुप्ता ने बताया कि संस्थान में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पर विशेष जोर दिया जाता है, ताकि छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए इंडस्ट्री की जरूरतों को समझ सकें। इससे छात्रों में समस्या समाधान क्षमता, इनोवेशन और प्रोफेशनल स्किल्स का विकास होता है।
आईएमएस-डीआईए के डीन प्रोफेसर (डॉ.) एमकेवी नायर ने बताया कि आज के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पैनल डिस्कशन रहा, जिसमें विशेषज्ञों ने एआई के वास्तविक प्रभाव बनाम संभावित खतरे, सस्टेनेबिलिटी, क्रिएटर इकॉनमी, फ्रीलांसिंग बनाम नौकरी बनाम उद्यमिता तथा बिजनेस टूल के रूप में डिजाइन जैसे समसामयिक और महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। इस सत्र ने उपस्थित छात्रों और अभिभावकों को डिजाइन करियर के बदलते परिदृश्य को बेहतर ढंग से समझने में मदद की। उन्होंने कहा कि डिजाइन इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और युवाओं के लिए इसमें अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए छात्रों को इंडस्ट्री-ओरिएंटेड शिक्षा, आधुनिक लैब्स और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।



