
हिसार, (राजेश सलूजा)
हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के प्रदेश चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बादली से विधायक कुलदीप वत्स द्वारा पार्टी हाईकमान, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा व कांग्रेस विधायक दल की पूर्व नेता किरण चौधरी के खिलाफ की गई अनर्गल बयानबाजी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एडवोकेट खोवाल ने कहा कि विधायक कुलदीप वत्स द्वारा मीडिया में खुले तौर पर दिए गए इस तरह के बयानों से न केवल पार्टी की मर्यादाओं का हनन हुआ है, साथ ही समर्थकों को भी मानसिक पीड़ा हुई है।
एडवोकेट खोवाल ने कहा कि कोई भी विधायक या नेता पार्टी से बढ़कर नहीं है। कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने हमेशा से ही पार्टी हित में कार्य किया है और पार्टी के हितों को सर्वोपरि रखते हुए किसी पद का मोह नहीं रखा। उन्होने कहा कि बहन कुमारी सैलजा ने कभी भी अपने लिए पदों को अहमियत नहीं दी, बल्कि कांग्रेस पार्टी के लिए हमेशा ईमानदारी से कार्य किया और कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी उनकी रगों में बसी हुई है, क्योंकि उनके पिता स्वर्गीय चौधरी दलबीर सिंह ने भी हमेशा कांग्रेस के लिए ईमानदारी से कार्य किया। कुमारी सैलजा अपने पिता चौधरी दलबीर सिंह को अपना राजनीतिक गुरु भी मानती है। इसीलिए उन्होंने कभी भी अपने आप को कांग्रेस से बड़ा नहीं माना और निस्वार्थ भाव से कांग्रेस के प्रति समर्पित रही है। यही कारण है कि कांग्रेस हाईकमान भी कुमारी सैलजा को पूरा मान सम्मान देता रहा है। उन्होंने कहा कि सैलजा ने तीन दशकों के राजनीतिक जीवन में सर्व समाज को साथ लेकर चलते हुए देश की राजनीति में सादगी ईमानदारी और समर्पण की मिसाल पेश की है। कुमारी सैलजा राष्ट्रीय राजनीति में हरियाणा प्रदेश का मान बढ़ाते हुए पूरे प्रदेश और समाज के हितों को सर्वोपरि रखकर अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। उनकी इन्हीं सेवाओं के लिए पार्टी हाईकमान ने उन्हें सीडब्ल्यूसी का सदस्य बनाया है। उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा का सीडब्ल्यूसी मैंबर बनना पूरे प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के लिए एक आदर्श है, जो कुछ तथाकथित नेताओं को रास नहीं आ रहा है और अपने आकाओं को खुश करने के लिए ओछी बयानबाजी करने पर उतारू हैं। उन्होंने कहा कि विधायक वत्स यह न भूले कि वे खुद वर्ष 2014 में कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में उनका पार्टी के शीर्ष नेताओं की कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल उठाना ही गलत है। इस तरह सीधे तौर पर पार्टी हाईकमान पर उंगली उठाना, सीधे तौर पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को चुनौती देना है। उन्होंने कहा कि विधायक वत्स द्वारा की जा रही गलत बयानबाजी के पीछे कौन लोग हैं इसमें भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है तथा इस पर मिडिया में उनके खिलाफ ब्यानबाजी चल रही है।ऐसे नेताओं को भी वत्स के बयान का तुरन्त खंडन करना चाहिए ताकि आम जनता में पार्टी के खिलाफ कोई गलत संदेश न जाए। इसके साथ ही पार्टी हाईकमान को इस मामले में सख्त संज्ञान लेना चाहिए ताकि कोई भी विधायक या नेता अपने आप को पार्टी से बड़ा समझने की भूल न करे।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



