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पटना में छात्रा की मौत से गुस्साए लोगों ने किया प्रदर्शन

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ जिले के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के आमला टोला कन्या विद्यालय में कक्षा 5 की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद गुरुवार को इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतका के परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और चितकोहरा गोलंबर पर जाम कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने नारेबाजी की और पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें एक हवलदार और सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए। लोगों का आरोप है कि बच्ची की हत्या की गई है और इसमें स्कूल प्रबंधन व शिक्षक शामिल हैं। बुधवार सुबह छात्रा रोज की तरह अपने घर इमारत विला से स्कूल पहुंची थी। प्रार्थना सभा में भी उसने भाग लिया। इसके बाद वह स्कूल के शौचालय में गई और यहीं से उसके जलने की खबर सामने आई। चश्मदीदों के अनुसार, जब छात्रा को शौचालय से बाहर निकाला गया, वह जिंदा थी लेकिन बेहद गंभीर हालत में कराह रही थी। मौके से एक बोतल बरामद हुई जिसमें केरोसिन भरा था। उसे तत्काल पीएमसीएच भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बच्ची को स्कूल के शिक्षकों ने जलाकर मार डाला है। उन्होंने कहा कि बच्ची ने खुद बताया था कि किसी ने उस पर केरोसिन डालकर आग लगाई। हालांकि बच्ची यह नहीं बता सकी कि उसे जलाने वाला कौन था। मृतका की बहन ने भी दावा किया कि स्कूल में पहले से ही छेड़छाड़ की घटनाएं होती रही हैं और बच्ची ने हाल ही में एक शिक्षक अनिल के बारे में बात की थी। आरोप है कि एक शिक्षक छात्राओं से अभद्र व्यवहार करता था और विरोध करने पर उन्हें स्कूल से निकालने की धमकी देता था।गुरुवार की सुबह मृतका के परिजन और मोहल्ले के लोग चितकोहरा गोलंबर पर जुट गए। उन्होंने सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्कूल में सुरक्षा के नाम पर बच्चों की कड़ी जांच होती है, फिर भी बच्ची केरोसिन और माचिस लेकर कैसे पहुंच सकती है? यह साफ करता है कि पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश है। प्रदर्शन के दौरान अचानक भीड़ से किसी ने पुलिस पर पत्थर फेंके जिससे गर्दनीबाग थाने के हवलदार रंजीत कुमार और सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए। स्थानीय निवासी और अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में इससे पहले भी छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हुई हैं। एक अभिभावक अनिता देवी ने बताया – “मेरे बच्चे भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। यहां की गतिविधियां ठीक नहीं हैं। एक पूर्व शिक्षक को छेड़छाड़ के आरोप के बाद पीटा गया था और उसने स्कूल छोड़ दिया।” मोहल्ले की एक अन्य महिला परवीन ने कहा कि उन्होंने भी स्कूल की खराब गतिविधियों के कारण अपने बच्चों का नाम कटवा लिया था। घटना को लेकर पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा ने कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बच्ची ने आत्महत्या की या उसकी हत्या की गई। परिजनों के आरोपों और पहले हुई घटनाओं की भी जांच की जा रही है। स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों से पूछताछ हो रही है, लेकिन अब तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। एसपी ने कहा कि जल्द ही घटना के पीछे की सच्चाई सामने लाई जाएगी। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब स्कूल गेट पर बच्चों के बैग की कड़ी जांच होती है, तो बच्ची के पास से केरोसिन और माचिस कैसे मिली। इससे परिजनों का शक और गहरा हो गया है। कई अभिभावकों ने स्कूल की गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। परिजनों ने कहा है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।


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