स्वच्छता के लिए पुरस्कार प्राप्त कर चुका ग्राम पंचायत नदीहार में दिखा कूड़े का अंबार

राजगढ़ मीरजापुर/ स्थानीय विकास खंड के ग्राम पंचायत नदिहार के नाम के साथ ‘प्रदेश में प्रथम स्थान’ और लाखों रुपए के पुरस्कार जैसी उपलब्धियां जुड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। विकासखंड राजगढ़ की इस तथाकथित मॉडल पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

रिहायशी इलाकों और बाजार की गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे पंचायत की चमक फीकी पड़ गई है।

गौरतलब है कि विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने ग्राम प्रधान रविशंकर पटेल को प्रदेश में प्रथम स्थान का पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। प्रोत्साहन योजना के तहत पंचायत को वर्ष 2024-25 में लगभग बीस लाख रुपए और वर्ष 2025-26 में लगभग दस लाख रुपए की धनराशि भी मिल चुकी है।

इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि कूड़ा संग्रह के लिए रखे गए डस्टबिन केवल दिखावे तक सीमित हैं। सफाई व्यवस्था और विकास कार्य ग्राम पंचायत कार्यालय और मुख्य बाजार तक सिमट कर रह गए हैं, जबकि अंदरूनी गलियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। गर्मी के मौसम में सड़ रहे कचरे और जाम नालियों से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे लोगों में आक्रोश है।

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की सरकारी योजनाएं और पुरस्कार मिलने के बावजूद यदि सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
नदिहार के ग्राम प्रधान गणतंत्र दिवस समारोह में नई दिल्ली में शामिल हो चुके हैं और विकास कार्यों के अध्ययन के लिए अन्य राज्यों का दौरा भी कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पंचायत को सम्मान और धनराशि मिल चुकी है, तो विकास और स्वच्छता का लाभ आम ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा? वहीं, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) श्री कृष्ण उपाध्याय ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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