
(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट। वारासिवनी मुख्यालय में एक लुटेरे के द्वारा अपने आप को पुलिस बताकर एक वृद्ध व्यक्ति से लूट की घटना सामने आई है।लुटेरों के नए नए हथकंडे से जनता काफी त्रस्त है जिस पर लगाम लगाने में पुलिस प्रशासन असफल नजर आ रहा है।नगर के सर्राफा बाजार निवासी 62 वर्षीय मनोज पिता स्वरूप चंद कोचर किराना सामान लेने गोलीबारी चौक गए थे जहां से सामान लेकर घर आ रहे थे कि रास्ते मे एक बाइक सवार जो अपने आप को पुलिस वाला बता रहा था वृद्ध व्यक्ति से सामान की जांच कराने के लिए बोला,वृद्ध व्यक्ति ने अपना सारा सामान दिखाया व 20 हजार नगद भी उस बाइक सवार को दिखाया जिसको लेकर बाइक सवार रफू चक्कर हो गया।जबतक वृद्ध व्यक्ति कुछ समझ पाता तबतक बाइक सवार बहुत दूर जा चुका था।शहर में बढ़ते अपराध पर पुलिस का नियंत्रण न के बराबर हो गया है जिससे बदमाशों और लुटेरों के हौसले बुलंद हैं जिससे आये दिन लूट पाट की घटनाएं दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
अभी कुछ दिन पूर्व ही रामपायली तहसील मुख्यालय में पुलिस बनकर ज्वेलरी दुकान से 5 लाख की चोरी की वारदात का मामला अभी शांत भी नही हुआ था कि वारासिवनी तहसील मुख्यालय में एक और लूट का मामला सामने आ गया। जहां बाइक से आए एक व्यक्ति ने बुजुर्ग का रास्ता रोककर खुद को पुलिसवाला बताया और 20 हजार लूट लिए।लूट का शिकार हुए मनोज कोचर ने लुटेरे का हुलिया बताते हुए कहा कि बाइक सवार व्यक्ति सफेद शर्ट और जीन्स पहना था और सिर पर हेलमेट पहना था जिससे उसका चेहरा पहचान न सका।
सीसीटीवी फुटेज के सहारे पुलिस
15 दिन में पुलिस बनकर लूट और चोरी की दूसरी घटना सामने आने के बाद पुलिस की भी चिंता बढ़ गई है। बुजुर्ग से लूट की घटना के बाद वारासिवनी पुलिस मौका स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। बहरहाल, दिनदहाड़े पुलिस के नाम पर लूट और चोरी की बढ़ती वारदात से आम लोगों में दहशत है और पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखी गयी।
लुटेरा पुलिस की पहुंच से दूर
बता दें कि दो महीने पहले वारासिवनी में ही दिनदहाड़े दो लोगों ने सेल्समैन बनकर घर के आंगन में बैठी बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चेन और लॉकेट लूटने की घटना को अंजाम दिया था, जिसके आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं, रामपायली की ज्वेलरी दुकान में चोरी की घटना के आरोपी भी पुलिस के हाथ अब तक नहीं लग पाए हैं और अब यह तीसरी घटना से लोगो मे चिंता बढ़ गयी है जिस पर पुलिस प्रशासन को नगर में बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है।
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