गृह मंत्रालय ने NIA को जिम्मेदारी दे दी है कि वह रामेश्वरम कैफे के धमाके की जांच करे और दोषियों को सलाखों के पीछे तक पहुंचाए. आइए जानते हैं कि NIA को किसी केस की जांच कब और क्यों सौंपी जाती है
बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए धमाके की जांच नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है. गृह मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि NIA ही रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट की जांच करेगी. जो भी इस केस के दोषी हैं उनको पकड़ेगी और कोर्ट के सामने पेश करेगी. बता दें कि सीसीटीवी फुटेज में बेंगलुरु धमाके का आरोपी दिखा था. उसके हाथ में एक बैग था.
NIA की जांच में इस शख्स का पकड़ा जाना बहुत अहम है. लेकिन अब आपके मन में ये सवाल जरूर होगा कि क्या रामेश्वर कैफे धमाके की जांच कर्नाटक की पुलिस या फिर सीबीआई क्यों नहीं कर सकती है. NIA को ही इस तरह के धमाकों की जांच क्यों सौंपी जाती है. क्या NIA दूसरी एजेंसियों से ज्यादा ताकतवर है.
आइए इसकी वजह जान लेते हैं.NIA को बेंगलुरु धमाके की जांच क्यों सौंपी गई है, ये समझने से पहले जानते हैं कि बेंगलुरु में क्या हुआ था. बता दें कि बीते 1 मार्च को दोपहर में बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में धमाका हुआ था. इस घटना में 10 लोग घायल हुए थे. इसके बाद पुलिस और FSL की टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए. जांच के दौरान सीसीटीवी खंगाले गए तो CCTV में एक आरोपी दिखा.
उसके कंधे पर विस्फोटकों से भरा बैग नजर आया. फुटेज में वह कैफे की तरफ आगे बढ़ता हुआ दिखाई दिया. वह रामेश्वरम कैफे में बैग के साथ घुसा था. संदिग्ध ने कुछ ऑर्डर भी किया था. फिर वह हाथ में प्लेट ले जाता हुआ भी दिखा. इसके बाद संदिग्ध ने कैफे में ही काला बैग छोड़ दिया. और बाद में फिर धमाका हुआ
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