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पंजाबी विकास मंच ने श्रद्धापूर्वक मनाई निर्जला एकादशी और गुरू अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस

हिंदू धर्म में 24 एकादशियों का बहुत महत्व है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इसकी कथा में हिंदू धर्म की बहुत बड़ी विशेषता है कि वह सबको धारण ही नहीं करता है, सबके योग्य नियमों की लचीली व्यवस्था भी करता है। महर्षि वेदव्यास ने पाडंवों को एकादशी व्रत का संकल्प कराया तो भीम ने कहा,’’पितामह इसमें प्रति पक्ष एक दिन के उपवास की बात कही है। पर मैं तो एक समय भी भोजन के बगैर नहीं रह सकता। मेरे पेट में ’वृक’ नाम की जो अग्नि है उसे शांत रखने के लिए मुझे कई लोगों के बराबर और कई बार भोजन करना पड़ता है। क्या अपनी उस भूख के कारण मैं एकादशी जैसे पुण्य व्रत से वंचित रह जाऊंगा?’’ यह सुनते ही महर्षि ने भीम का मनोबल बढ़ाते हुए कहा,’’आप ज्येष्ठ मास की निर्जला नाम की एकादशी का व्रत करो। तुम्हें वर्ष भर की एकादशियों का फल मिलेगा।’’ इस एकादशी पर ठंडे र्शबत की जगह जगह छबीलें लगाई जातीं हैं। जिसे पीकर भीषण गर्मी में राहगीरों को बड़ी राहत मिलती है। स्वयं निर्जल रह कर जरुरतमंद या ब्राह्मणों को दान दिया जाता है।


सिख समुदाय में गुरु परंपरा के पाँचवें गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस उनकी शहादत को याद करने के लिए मनाते हैं। गुरु अर्जुन देव जी सिख धर्म के पहले शहीद हैं। इन्होंने धर्म के लिए अपनी शहादत दी। इनके शहीदी दिवस पर जगह जगह ठंडे र्शबत की छबीलें लगाई जाती हैं। गुरु जी ने सिखों को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित किया।
आज 12 जून 2025, को निर्जला एकादशी और गुरू अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में सेक्टर 55 की बाहरी मेन रोड पर, सेक्टर 22 नौएडा के सामने 11 बजे से दोपहर 2.30 तक पंजाबी विकास मंच द्वारा ठंडे शरबत की छबील का आयोजन किया गया। जिसमें जरूरतमंदों को तौलिये भी वितरित किये गये। यह विशाल कार्यक्रम इकोफ्रैंडली था। कागज के गिलासों का उपयोग किया गया। डस्टबिन की व्यवस्था थी। छबील का उद्घाटन दीपकविग, जे॰एम॰ सेठ जी सुमित कोहली व जी के बंसल, संजीव पूरी ओर हरीश सभरवाल ने रिबन काट कर किया। इस पावन पर्व पर , दीपक विग,जी.के. बंसल, संजीव पुरी,जे ऐम सेठ,ओ पी गोयल,संजीव बांदा, ऐस पी कालरा,अमरदीपशाह, प्रदीप वोहरा, हरीश सबरवाल,, सुनील वाधवा,वंदना बसंल, अलका सूद, सविता अरोड़ा,नीलम भागी, अंजना भागी, प्रभा जयरथ , संगीता सचदेवा,एस॰एस॰सचदेवा , संजय खत्री,अजय साहनी, अमरजीत कौर , शरण चौहान,मोहित अरोड़ा आदि ने बढ़चढ़ कर भाग लिया एवं पंजाबी विकास मंच के सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा।


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