
*योगी राज में भी ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है*
बहराइच रुपईडीहा थाना रुपईडीहा व विकास खण्ड मिहींपुरवा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघर में व्याप्त भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पार कर चुका है, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में जितना लाभ जनता को मिलना चाहिए उससे कई गुना अधिक लाभ ब्लॉक के अधिकारियों व ग्राम प्रधान द्वारा उठाया जा रहा है। कटघर ग्राम पंचायत के नव निर्वाचित प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत पुराने कार्य को नया कार्य दिखाकर लाखों रुपये ब्लॉक के अधिकारियों की मिली भगत से निकाल लिया गया है। इस ग्राम पंचायत में अभी तक कोई खुली बैठक नहीं की गई है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल,जिला उपायुक्त मनरेगा बहराइच व खण्ड विकास अधिकारी मिहींपुरवा को दिए गए प्रार्थना पत्र में कटघर के ग्रामीण क्षेत्र पंचायत सदस्य नूरुल हुदा, शेर बहादुर, साबिर अली,हनीफ अली,रहीस खान, ग्राम पंचायत सदस्य सोनी खातून, ग्राम पंचायत सदस्य शेर बहादुर खां, सदस्य अबिद,मनीजर, सद्दाम हुसैन, मोहम्मद राशिद, कल्लू, मोहम्मद अली,जामिन अली, मुन्ना आदि ग्रामीणों ने आरोप
लगाया है कि हमारे ग्राम पंचायत कटघर में नये प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत कब्रिस्तान बाउंड्री वॉल का कार्य कराया गया जिसमें साईवाला,हलवाई वाला व अंसारी वाला कब्रिस्तान में तार खम्भे व गेट की पेमेंट एक वर्ष पहले हो चुका है। किसी भी कब्रिस्तान में गेट का कार्य नहीं कराया गया जो कार्य 2017-18 में मनरेगा के तहत पुराने प्रधान द्वारा कराया गया था, खड़ंजा लगवाया गया था,नाली बनवाईं गयी थी,चिकाऊ के घर से लियाकत के घर तक नाली व खड़जा का कार्य हुआ था,उसी को मरम्मत करवा कर राजवित्त के तहत 4 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान कराया गया है। और जो 2017-18 मे कच्चे काम हुए थे,उन्ही कार्यो को दुबारा मरम्मत करा कर 2 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान कराया जा रहा है। इस कराये गये कार्य में ग्राम प्रधान व ब्लॉक अधिकारियों की मिली भगत है। जो मनरेगा तहत बनिया वाली बाग में वृक्षारोपण व तार फिसिंग करायी गया थी, तार के अंदर तीन तीन मीटर फर्जी पटवाकर के जो पेड़ में लगे थे वो पानी भरने से सारे पेड़ सूख गए। दूसरा तलाब जो है वो कुम्हार मिट्टी के नाम दर्ज है। जो काफी गहरा है, जिसमें काफी मात्रा में पानी भरा रहता था जिसमें पशु पक्षियों के लिए लाभदायक था,उसको भी मनरेगा के तहत दोबारा कार्य कराकर फर्जी भुगतान कराना चाहता है। तलाब में जो पानी भरा था उसको बाहर निकलवा दिया गया। इससे इस भीषण गर्मी में सभी पशु पक्षी प्यासे मर रहे हैं। इन लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि चुनाव संपन्न होने के बाद अब तक कोई भी खुली बैठक नहीं हुई है। सभी कार्यों की जांच ब्लॉक अधिकारियों द्वारा कई बार की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई उचित कार्यवाही नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने इन अधिकारियों से मांग किया है कि मनरेगा के अंतर्गत जितने भी कार्य कराये गये हैं सबकी सूची मंगवा कर सभी की जांच कराई जाए।
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