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70वें नेशनल स्कूल गेम्स में रेफरी की भूमिका निभाएंगे हिण्डालको के रवि सिंह, श्रीनगर रवाना

अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी रवि सिंह का तकनीकी अधिकारी के रूप में चयन, 22 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होगी प्रतियोगिता

समाज जागरण

सोनभद्र/रेणुकूट। हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेणुकूट के बॉयलर एवं को-जनरेशन विभाग में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी रवि सिंह का चयन 70वें नेशनल स्कूल गेम्स (एसजीएफआई) में रेफरी एवं तकनीकी अधिकारी के रूप में किया गया है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए रवि सिंह श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर रवाना हो गए हैं।

जम्मू-कश्मीर सरकार के युवा सेवा एवं खेल विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से रवि सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अंतर्गत आयोजित होने वाली 70वीं राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता की ताइक्वांडो स्पर्धा 22 से 26 अक्टूबर 2026 तक गांदरबल स्थित जीसीओपीई, श्रीनगर में आयोजित होगी। प्रतियोगिता में अंडर-17 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी भाग लेंगे।

हिण्डालको और सोनभद्र में खुशी का माहौल

रवि सिंह के चयन से सोनभद्र जिले और हिण्डालको रेणुकूट में खुशी का माहौल है। उनकी खेल उपलब्धियों और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तकनीकी अधिकारी की जिम्मेदारी मिलने पर जिले के खेल प्रेमियों ने प्रसन्नता जताई है। हिण्डालको परिवार की ओर से भी उन्हें प्रोत्साहित करते हुए शुभकामनाएं दी गईं।

हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेणुकूट के यूनिट प्रमुख समीर नायक, क्लस्टर एचआर प्रमुख जसबीर सिंह, एचआर प्रमुख अजय सिन्हा, बॉयलर एवं को-जनरेशन विभाग के प्रमुख कैलाश प्रधान, कमल किशोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने रवि सिंह को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

माता-पिता के सपनों को पूरा करना लक्ष्य

रवि सिंह ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अंतरराष्ट्रीय रेफरी अतुल पंगोत्रा, विनोद, अपनी माता और स्वर्गीय पिता महामाया प्रसाद सिंह को दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता भले ही आज उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद और संघर्ष हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

रवि सिंह ने कहा कि माता-पिता के सपनों को पूरा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य रहा है। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।

रवि सिंह की यह उपलब्धि सोनभद्र सहित देश के उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। उनका चयन इस बात का उदाहरण है कि निरंतर प्रयास और समर्पण से सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है।


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