(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट।कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने लांजी-किरनापुर चिटफंड मामले में निवेशकों से अपील की है कि वे अपनी जमा की गयी राशि वापस पाने के लिए किरनापुर या लांजी थाना या एसडीएम कार्यालय या कलेक्ट्रेट कार्यालय में सही सही जानकारी दें। इस मामले में शिकायतकर्ता के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी भले ही वह शासकीय सेवक क्यों ना हो। शिकायतकर्ता अपने मन से यह भय निकाल दें कि वह अपनी जमा राशि बताएंगे तो उनके विरुद्ध भी कार्यवाही हो जाएगी। यह एक तरह की ठगी का मामला है और इसमें शिकायतकर्ता पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। जिन लोगों ने इस चिटफंड स्कीम में राशि निवेश की है वे अपना नाम, आधार कार्ड की कापी, उसे दिए गए चेक की कॉपी, अपना मोबाइल नंबर एवं उसने किस व्यक्ति को राशि दी है उसका नाम लिखकर किरनापुर या लांजी थाने में या एसडीएम ऑफिस में या कलेक्ट्रेट कार्यालय में जमा कर सकते हैं । यह जानकारी किरनापुर एवं लांजी थाने के थाना प्रभारी के व्हाट्सएप नंबर पर भी दी जा सकती हैं । निवेशक यह जानकारी डाक के माध्यम से भी दे सकते हैं । इस मामले में लगभग 10 करोड़ की राशि सीज की गई है। इसमें से पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर निवेशकों को राशि लौटाई जाएगी। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वह बाहर आने पर भी सभी निवेशकों को एक साथ राशि वापस नहीं कर सकते हैं और यह असंभव है। इस चिटफंड स्कीम में राशि निवेश करने वाले निवेशकों से अपील की गई है कि वह शीघ्रता से राशि निवेश करने की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं । जिससे उनकी राशि वापस दिलाने के लिए प्रयास किया जा सके।
आरोपियों के पक्ष के लिए श्रेष्ठ वकील
प्राप्त जानकारी अनुसार रुपया डबल मामले के मुख्य आरोपियों ने मुम्बई से वकील बुलाया है जो इनका केस लड़ेंगे।सवाल यह उठता है कि अगर यह धोखाधड़ी नही है और आरोपियों ने कानून के दायरे में रहकर सबकुछ किया था तो पुलिस ने इनको गिरफ्तार क्यों किया?इन आरोपियों के पास ऐसा कौन सा अलादीन का चिराग हाथ लग गया जिससे ये लोग लोगो से लाखों लेकर डबल देने लगे,इसकी जानकारी क्यों नही दे रहे है आरोपी?ऐसा कौन सा व्यापार कर रहे थे कि जिसमे इन आरोपियों को डबल तिबल मुनाफा होता था जिससे ये निवेशकों को डबल देते थे।इसकी जानकारी भी लोगो के सामने आनी चाहिए।बहरहाल पुलिस ने लोगो से अपील किया है कि जल्द से जल्द अपनी जानकारी अधिकारियों को दे जिससे उनका लगाया गया धन वापस किया जा सके।

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