दैनिक समाज जागरण
विश्वनाथ आनंद
गया (बिहार)- 8 जनवरी 2023- आयुर्वेद सेवा के संस्थापक डॉ सम्पूर्णानन्द मिश्र ने कहा कि सम्मेद शिखरजी न सिर्फ जैनियों के तीर्थस्थल हैं, बल्कि समस्त हिन्दुओं के आस्था का केन्द्र बिन्दु भी हैं। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री व केन्द्र सरकार से आग्रह करता हूँ कि जैनियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पवित्र स्थल को धर्म स्थल ही रहने दिया जाए ,पर्यटन स्थल बनाकर इसे अय्याशी का अड्डा होने से बचाने की कृपा करें ।
डॉ मिश्र ने कहा कि यह गंभीर आस्था का मामला है इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। पारसनाथ सम्मेद शिखर जी पर्वत सदियों से जैंन धर्मावलंबियों का पवित्र तीर्थ स्थल और आस्था का केन्द्र रहा है। जैन समुदाय के लोग सम्मेद शिखरजी का दर्शन करके 27 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले मंदिरों में पूजा – अर्चना के बाद ही कुछ भोजन ग्रहण करते हैं।
डॉ सम्पूर्णानन्द ने जैन समाज की समाजोत्थान एवं मानव कल्याण की रचनात्मक एवं सृजनात्मक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि जैन समाज के द्वारा समाज निर्माण, आर्थिक विकास, शिक्षा, सेवा एवं जनकल्याण के अनेक विशिष्ट उपक्रम राष्ट्र-स्तर पर संचालित किये जा रहे हैं। राष्ट्र एवं समाज निर्माण में वह अपनी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान दे रहा है ।
डॉ मिश्र ने कहा कि जैन समाज के इस लङाई में सनातन धर्मावलंबी भी पूरी तरह से साथ हैं। और सरकार के लिए गए फैसले वापस होने तक चैन से नहीं बैठेंगे।
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