

रीता कुमारी, ब्यूरो चीफ
नवादा (बिहार)। चार दिवसीय छठ पर्व को लेकर जिस तरह से आम लोगों में उत्साह देखा जा रहा है, उससे अधिक उत्साह जेल के अंदर देखने को मिल रहा है।
नहाय-खाय से शुरू हुआ छठ व्रत में नवादा मंडल कारा के अंदर महिला वार्ड में छठी मइया की गीत गूंज रही है। शहर से गांव तक लोग जिस उत्साह से छठ मनाने में जुटे हैं, उससे भी अधिक उत्साह से नवादा मंडल कारा के अंदर महिला बंदी छठ व्रत करने में जुटी हैं।
जेल के अंदर महिला बंदी ही नहीं, पुरुष बंदी भी आस्था के इस महापर्व में उत्साहित हैं। जेल के अंदर छठ व्रत कर रहीं सातों महिला बंदियों के लिए जेल प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था की गयी है। सभी महिला बंदी छठव्रती शनिवार को खरना का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू कर दी हैं। सूर्याेपासना के महापर्व छठ व्रत के प्रति लोगों में जो आस्था बनी है, उससे ज्यादा जेल के अंदर देखने को मिल रहा है। बाहर की दुनिया में रह रहे लोगों ने अपने परिजनों के साथ छठ करने जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर जेल में बंद महिला बंदी अपनों से दूर रहकर छठ व्रत करने में जुटी हैं।
जेल में बंद महिला कैदियों के सहयोग में जेल प्रशासन सहित जेल में बंद सभी कैदियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जेल के अंदर महिला वार्ड में बंद सात विचाराधीन महिला कैदी पूरी आस्था के साथ छठव्रत कर रही हैं। विभिन्न मामलों में जेल में भले ही इन महिलाओं को रहना पड़ रहा हो, धर्म और आस्था के प्रति उनकी निष्ठा इतनी अटूट है कि अपनों के बगैर ही छठ मइया की अराधना में छठ व्रत कर रही हैं।
जेल के अंदर बने तालाब को कैदियों ने मिलकर साफ किया। इसके साथ उनके आने-जाने वाले मार्ग को भी साफ कर सजाने का काम किया है, जहां महिला छठव्रती बंदी रविवार को अस्ताचलगामी और सोमवार को उदयीमान भगवान सूर्य की पूजा अर्चना कर अर्घ्यदान करेंगी। इसको लेकर जेल प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किया गया है।
जेल अधीक्षक अजीत कुमार ने बताया कि जेल में छठ करने वाली 7 महिला बंदियों में अनिल राम की पत्नी गीता देवी, जगबली सिंह की पत्नी फूलन देवी, साहेब रविदास की पत्नी रिंकु देवी, परशुराम चौधरी की पत्नी ललिता देवी, संजय राम की पत्नी बेबी देवी, विदेशी चौधरी की पत्नी मीना देवी तथा यमुना चौधरी की पत्नी चिन्ता देवी शामिल हैं।
जेल अधीक्षक ने कहा कि आस्था के इस महापर्व में जितने भी महिला बंदियों ने छठ व्रत किया है, उनके लिए जेल प्रशासन की ओर से समुचित व्यवस्था किया गया है।
जेल में छठ व्रत करनेवाली महिला बंदियों ने कहा कि भगवान की आस्था के लिए जगह कोई मायने नहीं रखता है। अपने परिवार ही नहीं, समाज और देश दुनिया की सुख समृद्धि की कामना के लिए छठ कर रही हैं।
जेल के महिला वार्ड में छठी मइया के गीतों से पूरा जेल का माहौल भक्तिमय और छठ की आस्था में डूब गया है। जेल अधीक्षक ने बताया कि छठ पर्व को लेकर जेल के अंदर शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
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