*समाज जागरण *पूर्वी दिल्ली/शाहदरा।** सीमापुरी थाना क्षेत्र के नई सीमापुरी रोड नंबर-70 पर खुले में तार जलाकर धातु निकालने की खतरनाक गतिविधि लगातार बढ़ती जा रही है। शाम ढलते ही धुएं का घना गुबार पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लेता है, जिससे राहगीरों व स्थानीय निवासियों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
यह इलाका थाना सीमापुरी के बीट नंबर-7 में आता है और पहले भी बांग्लादेशी घुसपैठ व धरपकड़ मामलों के कारण सुर्खियों में रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रोजाना **शाम 5 बजे से देर रात तक** तार जलाए जाते हैं, जिससे जहरीला धुआँ वातावरण में फैलकर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।

## **शालीमार गार्डन और दिल्ली आने-जाने वालों पर सीधा असर**
गाजियाबाद के शालीमार गार्डन से दिल्ली की ओर आने-जाने वाले लोग इस धुएँ से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। शुक्रवार की शाम तो स्थिति बेहद गंभीर हो गई—करीब **7 बजे धुएँ का स्तर इतना बढ़ गया कि लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत** होने लगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं बल्कि **लंबे समय से चल रही अवैध गतिविधि** है। आरोप है कि तार जलाकर धातु निकालने का यह काम रोज किया जाता है, जिससे प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है।
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## **पुलिस की कार्रवाई भी बेअसर**
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पास के पुलिस बूथ से एक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचा और वहां मौजूद महिला को फटकार भी लगाई, लेकिन उसने तार जलाना बंद नहीं किया। इससे साफ है कि **चेतावनी देना पर्याप्त नहीं**, बल्कि सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
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## **कचरा, धुआँ और बढ़ता पर्यावरणीय संकट**
सड़क किनारे जमा कचरा और तार जलाने से उठता धुआँ अब इलाके की पहचान बनता जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि **लगातार धुएँ के संपर्क में रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव** पड़ सकता है।
लोगों ने दिल्ली सरकार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
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## **लोगों का आक्रोश: “सरकार केवल वाहनों पर सख्ती दिखाती है, असली प्रदूषण अनियंत्रित”**
कई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा—
* **“यह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की दिल्ली है मेरी जान… दोपहर से रात भर ऐसे ही दिल्ली स्वागत करती है। गाड़ियों पर कानून चलता है, इनपर कौन कार्रवाई करेगा?” — जयप्रकाश भारद्वाज**
* **“दिल्ली सरकार होश में आओ! यह प्रदूषण हजारों गाड़ियों के प्रदूषण से भी ज्यादा खतरनाक है। सख्त कार्रवाई की जरूरत है।” — गौरा सौरभ**
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सरकार NOC और No-Pollution जैसे अभियान चला रही है, तब खुले में तार जलाने जैसे प्रदूषण स्रोतों पर कार्रवाई न करना चिंताजनक है।
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## **प्रशासन से तत्काल और सख्त कदम की मांग**
निवासियों ने @DCP_Shahdara, @CPCB_OFFICIAL, @DPCC_Pollution, @MCD और @DelhiPolice से अनुरोध किया है कि:
* इलाके की नियमित मॉनिटरिंग हो
* तार जलाने वालों पर IPC, पर्यावरण कानून और MCD एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए
* रोड नंबर-70 को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जाए
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## **समाज जागरण की अपील**
खुले में कचरा या तार जलाना सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि **जन-स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा** है। प्रशासन को चाहिए कि तत्काल एक्शन लेकर सीमापुरी को जहरीले धुएँ से राहत दिलाए।



