पटना में झोपड़ी में आग लगने से जले कई मवेशी

पटना/ जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र में एक झोपड़ी में लगी आग ने एक गरीब परिवार को भारी नुकसान पहुंचाया। रेलवे फाटक के पास पटरी किनारे स्थित यह झोपड़ी पल भर में आग की लपटों में घिर गई। इस आग में जहां कई मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई, वहीं झोपड़ी में सो रहे दंपती किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना रात करीब 2 बजे हुई, जब इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ था। झोपड़ी में रहने वाले श्यामली मलिक और उनकी पत्नी कौशल्या देवी गहरी नींद में थे। अचानक तेज गर्मी और धुएं का अहसास होने पर श्यामली की नींद खुली। बाहर झांकने पर उन्होंने देखा कि झोपड़ी के चारों ओर आग की तेज लपटें उठ रही हैं। दंपती ने तुरंत एक-दूसरे को जगाया और बिना देर किए झोपड़ी से बाहर निकल आए। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर रखा सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया।हालांकि दंपती अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन झोपड़ी के पिछले हिस्से में बंधे उनके कई मवेशी नहीं निकल पाए। आग इतनी भीषण थी कि बंधे हुए पशु भागने का प्रयास भी नहीं कर पाए और वहीं जलकर दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे, तब तक झोपड़ी का बड़ा हिस्सा जल चुका था और अंदर से मवेशियों की चीख सुनाई दे रही थी। लोगों ने मिलकर करीब एक घंटे तक आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।श्यामली मलिक दिहाड़ी मजदूर हैं और बांस से सूप, दौरी और टोकरियां बनाकर बेचकर अपना जीवनयापन करते थे। कौशल्या देवी ने रोते हुए बताया कि आग में उनका तैयार किया हुआ पूरा सामान नष्ट हो गया है। झोपड़ी में रखा बांस, लकड़ी, औजार और कच्चा माल भी जल गया है। यह वही सामग्री थी जिससे श्यामली रोज कमाई कर पाते थे। आग ने उनकी आजीविका पूरी तरह छीन ली है। आग लगने के बाद शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बाल्टियों और पानी के टैंकों की मदद से आग को कम करने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि लोगों का कहना था कि अगर आग बुझाने की व्यवस्था जल्दी पहुंचती, तो शायद कुछ मवेशियों को बचाया जा सकता था। घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने जल चुकी झोपड़ी और उसके आसपास की स्थिति का निरीक्षण किया। प्रारंभिक अनुमान यह है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी हो सकती है, क्योंकि झोपड़ी में बल्ब और तारों की अस्थायी व्यवस्था थी। हालांकि पुलिस टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है और वास्तविक कारण जल्द सामने आएगा।

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