
चहारदीवारी में लगाये जा रहे हैं लोकल बालु व पुराने ईंट।
जेई से योजना के संबंध में पूछे जाने पर कहा फोन करके क्यों करते है परेशान।
रंजीत ठाकुर,दैनिक समाज जागरण संवाददाता
अररिया। सोनापुर पंचायत के चकोड़वा वार्ड संख्या – 06 में लाखों रुपये की लागत से शमशान घाट की चहारदीवारी का निर्माण कार्य किया जा रहा है। बन रहे इस चहारदीवारी निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। करीब 6.5 सौ मीटर की बन रही चहारदीवारी में योजना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे प्राक्कलन राशि का पता लगाया जा सके। स्थानीय लोगों के अनुसार कार्य में लोकल नदी का उजला बालू का प्रयोग किया जा रहा है। यहां तक की इंट,लोहे का छड़ दो नंबर का प्रयोग किया जा रहा है।वहीं घटिया सामग्री को लेकर कार्य कर रहे मजदूर जल्द से जल्द कार्य को पूर्ण करने में लगे हुवे हैं ताकि अनिमितता को छुपाया जा सके। उपस्थित मजदूर ने बताया कि ठीकेदार के द्वारा जो सामग्री उपलब्ध किया गया है उसी को लगाया जा रहा है। हम लोग अपने घर से तो नहीं लगायेंगें न। इस तरह के कार्य से कार्य एजेंसी पर सवाल खड़ी होती है।
क्या कहते हैं जूनियर इंजीनियर रंजय कुमार-
इस बाबत जूनियर इंजीनियर एल ई ओ नरपतगंज से अनिमितता को लेकर मोबाइल फोन के माध्यम से रंजय कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आप लोग फोन करके क्यों परेशान करते रहते हैं। कार्य सब ठीक हो रहा है, कोई लोकल बालू नहीं है। सिलीगुड़ी का उजला बालू उपयोग किया जा रहा है। जबकि कार्यस्थल पर लोकल नदी का उजला बालू से कार्य किया जा रहा है।
क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता अजरुल हक-
इस बाबत कार्यपालक अभियंता एल ई ओ अजरुल हक ने कहा आपके द्वारा जानकारी मिली है जांच करवाते हैं। अगर अनियमित बरती गई है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बिहार सरकार सीमावर्ती क्षेत्र में विकासशील योजनाओं में गुणवत्तापूर्ण कार्य को लेकर जितने भी कोशिश कर ले लेकिन कार्यों में गुणवत्तापूर्ण कार्य होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके पीछे कहीं ना कहीं सरकारी कर्मी की शिथिलता को दर्शाता है।