नई दिल्ली: प्रतिवर्ष की भांति, इस वर्ष भी सोलंकी शिव मंदिर का स्थापना दिवस 4 मार्च को विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं भव्य श्रृंगार के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आस्था एवं भक्ति भाव से भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि सोलंकी परिवार द्वारा स्थापित यह मंदिर दिवंगत श्री भरत सिंह की स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती इंद्रावती जी एवं उनके सुपुत्रों—श्री सतपाल, श्री महावीर, श्री रणबीर एवं श्री वीरेंद्र—द्वारा 4 मार्च 1995 को मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा के साथ आधिकारिक रूप से प्रारंभ किया गया था। हालांकि, इसकी आधारशिला वर्ष 1988 में रखी गई थी। मंदिर के निर्माण में भरत सिंह जी के सुपुत्रों ने तन, मन और धन से पूर्ण समर्पण के साथ योगदान दिया। माता इंद्रावती जी की प्रेरणा से निर्मित इस मंदिर में भगवान शिव के साथ विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ प्रत्येक व्रत एवं त्योहार के अवसर पर सनातन विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की जाती है, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। इस वर्ष भी मंदिर के स्थापना दिवस पर विशेष रूप से अखंड रामायण पाठ एवं यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया, जो पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
स्थानीय श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने इस पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया एवं धर्मलाभ प्राप्त किया। मंदिर प्रबंधन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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