दैनिक समाज जागरण
संभल (असमोली)।
असमोली थाना क्षेत्र के गांव नरैटा मोहम्मदपुर स्थित गौशाला में लापरवाही का आलम देखने को मिला है। सूत्रों के अनुसार गौशाला में पल रहे गोवंशीय पशुओं को समय से न तो चारा मिल पा रहा है और न ही बीमार पशुओं का उचित उपचार किया जा रहा है।
गौशाला की स्थिति यह है कि सूखा भूसा ही पशुओं के भोजन का एकमात्र सहारा बना हुआ है। हरा चारा और चौपड़ (मिश्रित चारा) पिछले करीब 15 दिनों से उपलब्ध नहीं है, जिससे कई पशु कमजोर और बीमार पड़ गए हैं।
वहीं गौशाला पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि इस समय गौशाला में 103 गोवंशीय पशु हैं, जिनमें से दो पशु बीमार हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हरे चारे की व्यवस्था लंबे समय से नहीं हो पाई है।
ग्राम प्रधान पुत्र ने भी बताया कि “हमारे पास केवल सूखा भूसा ही है, चौपड़ की फिलहाल व्यवस्था नहीं है। हरा चारा उगाने की तैयारी चल रही है, जैसे ही तैयार होगा, पशुओं को दिया जाएगा।”
लेकिन जब इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव से बात की गई तो उन्होंने कहा — “ऐसा कोई मामला नहीं है, मैं पांच दिन पहले खुद गौशाला गया था, वहां चौपड़ का स्टॉक जमा था और देखभाल भी ठीक थी।”
हालांकि, वीडियो साक्ष्य कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। गौशाला परिसर में गंदगी फैली हुई है और किसी भी तरह का चारे का स्टॉक नजर नहीं आ रहा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते पशुओं की हालत लगातार बिगड़ रही है।
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