भारतीय दूतावास के अधिकारी ने ‘वाट दैट थोंग’ में लिया भाग, पवित्र अनुष्ठानों में हुई सहभागिता
समाज जागरण / अंतरराष्ट्रीय डेस्क
बैंकॉक (थाईलैंड), 10 अप्रैल 2026। थाईलैंड के प्रसिद्ध और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पर्व सोंक्रान (Songkran) का इस वर्ष भी भव्य और दिव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय दूतावास के स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर के निदेशक Dr. Chaitanya Prakash Yogi ने ‘वाट दैट थोंग – द रॉयल मॉनेस्ट्री’ में आयोजित उद्घाटन समारोह में सहभागिता की।
इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, जिनमें भगवान बुद्ध के अवशेषों, अरहंतों के अवशेषों और बुद्ध के पैरों के निशान का पवित्र स्नान शामिल रहा। इसके साथ ही उन्होंने भिक्षु समुदाय को ‘संघ दान’ अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में ‘रोड नाम दुम हुआ सेरेमनी’ के अंतर्गत बुजुर्गों के हाथों पर सुगंधित जल डालकर सम्मान और आशीर्वाद लेने की परंपरा भी निभाई गई। इस दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिकता, श्रद्धा और सांस्कृतिक समरसता से भर उठा।
🌏 भारत-थाईलैंड सांस्कृतिक समानता की झलक
सोंक्रान पर्व को थाईलैंड में नववर्ष के रूप में मनाया जाता है, जो भारत के होली पर्व की तरह आनंद, रंग और प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व सामान्यतः 13, 14 और 15 अप्रैल को मनाया जाता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह उत्सव एक सप्ताह तक चलता है।
इस दौरान लोग सड़कों पर जल और रंगों के साथ उत्सव मनाते हैं। हजारों लोग पारंपरिक रंगीन परिधानों में शामिल होकर इस उत्सव को और भी आकर्षक बनाते हैं।
🌐 पर्यटन और वैश्विक आकर्षण
सोंक्रान पर्व को देखने के लिए हर वर्ष लाखों विदेशी पर्यटक थाईलैंड पहुंचते हैं। यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक आकर्षण का भी केंद्र बन चुका है।
🤝 संस्कृति और समरसता का संदेश
भारत और थाईलैंड की परंपराओं में गहरी सांस्कृतिक समानता देखने को मिलती है। सोंक्रान पर्व इस बात का प्रतीक है कि किस प्रकार विभिन्न देशों की परंपराएं मानवता, प्रेम और एकता का संदेश देती हैं।
#Songkran #Thailand #IndiaThailandRelations #Culture #Festival #Buddhism



