3 माह से कार्य से बाहर, अब सामूहिक सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी
समाज जागरण/ अनिल कुमार अग्रहरि
ओबरा/ सोनभद्र। ओबरा तापीय परियोजना में कार्यरत संविदा सफाई कर्मियों का विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। लगभग तीन माह से कार्य से निकाले गए कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
कर्मचारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, पहले उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका गेट पास बनाकर पुनः कार्य पर रखा जाएगा। लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद न तो गेट पास बनाया गया और न ही उन्हें काम पर वापस लिया गया।
आरोप है कि ठेकेदार द्वारा अन्य लोगों से काम कराया जा रहा है, जबकि पूर्व में कार्य कर रहे कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि कम मजदूरी पर काम करने का दबाव बनाया जा रहा है, जो श्रमिकों के लिए अस्वीकार्य है।
कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार निवेदन और सूचना देने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते वे आंदोलन के लिए मजबूर हो गए हैं।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि 23 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से 5:30 बजे तक सामूहिक सत्याग्रह किया जाएगा। इसके बाद भी यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 25 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि किसी प्रकार की औद्योगिक अशांति उत्पन्न होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
इस संबंध में ज्ञापन मुख्य महाप्रबंधक, अधिशासी अभियंता, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित किया गया है।



