अवादा फाउंडेशन ने कराया आदिवासी विद्यार्थियों का शैक्षिक भ्रमण

इतिहास, संस्कृति और शिक्षा के संगम से छात्रों को मिला वास्तविक ज्ञान
===========..
समाज जागरण रंजीत तिवारी
वाराणसी।।
सोनभद्र जिले के आदिवासी विद्यार्थियों को नए अनुभवों और ज्ञान की दुनिया से जोड़ने के उद्देश्य से अवादा फाउंडेशन ने 21 मार्च से 23 मार्च तक तीन दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया। इस भ्रमण में चिचलिक, खोड़ेला, पनौरा, बड़ेला, महुली और नागेपुर के कक्षा 9वीं,10वीं और 11 वी के 110 विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं इंटर्न्स ने भाग लिया। कार्यक्रम को दो बैचों में विभाजित किया गया—पहला बैच 18 से 20 मार्च और दूसरा बैच 21 से 23 मार्च को प्रयागराज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्थलों की यात्रा पर निकला।
इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम का साक्षात्कार

अवादा फाउंडेशन की निदेशक ऋतु पटवारी ने बताया कि इस शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्रयागराज के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थलों का अवलोकन किया। भ्रमण की शुरुआत आजाद पार्क से हुई, जहां विद्यार्थियों ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इस स्थल की भूमिका को समझा। इसके बाद, आनंद भवन का दौरा कर बच्चों ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक घटनाओं से अवगत हुए।
विद्यार्थियों ने इलाहाबाद म्यूजियम और अल्फ्रेड पार्क का भी भ्रमण किया, जहां उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और भारत की आज़ादी से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की बारीकियों को करीब से जाना।
न्यायिक प्रक्रिया और कृषि विज्ञान का गहन अध्ययन

शिक्षा के विविध आयामों को समझने के लिए विद्यार्थियों को प्रयागराज उच्च न्यायालय का भ्रमण भी कराया गया। यहां उन्होंने भारतीय न्याय प्रणाली की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून व्यवस्था के महत्व को जाना।

इसके बाद, विद्यार्थी सैम हिगिनबॉटम कृषि एवं विज्ञान विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां उन्हें कृषि प्रसार निदेशक डॉ. प्रवीन चरन एवं डॉ. टी. डी. मिश्रा ने आधुनिक कृषि तकनीकों, बागवानी और फ्लोरीकल्चर (फूलों की खेती) के नवीनतम तरीकों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा और करियर की संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया।
भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा
इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल इतिहास और संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिला, बल्कि न्यायिक व्यवस्था, कृषि विज्ञान और उच्च शिक्षा के नए आयामों को भी समझने का अनमोल अनुभव प्राप्त हुआ।
भ्रमण के सफल आयोजन में इनका रहा योगदान

इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में महेश कुमार माथुर (उप प्रबंधक, सी एस आर), मनीष, राहुल, प्रवीण, सन्देश अंशिका, धीरेन्द्र, अमित, संजय, प्रियंका और रागिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अवादा फाउंडेशन का सराहनीय प्रयास
अवादा फाउंडेशन द्वारा किया गया यह प्रयास आदिवासी विद्यार्थियों को शिक्षा के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने, उनकी जिज्ञासा को जागृत करने और नए अवसरों से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Leave a Reply