समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर वाराणसी।।
क्षेत्र के शहंशाहपुर गांव की रामलीला बापू के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम से प्रारंभ हो गई है। रामलीला में प्रत्येक दिन प्रार्थना से पहले बापू का यह भजन गाया जाता है।उसके बाद आगर सागर गुण के सागर आज मनावही तुमही गणेश प्रार्थना की जाती है।
रविवार को यहां पर राम जन्म का मंचन हुआ। भए प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी की चौपाइयां पढ़ते ही नभ से सुमन बरसने लगे। उपस्थित जन समुदाय राजारमचंद्र की जय, दशरथ के नंदन की जय के जयकारे लगाने लगी। शुभ समाचार सुनकर अवध में चारों ओर खुशियां फैल गई। बड़े होने पर रामचंद्र अपने अन्य भाइयों के साथ पढ़ने के लिए गुरु वशिष्ठ के पास गए।
रामलीला समिति के व्यवस्थापक डॉक्टर नील रतन मिश्रा ने बताया कि गांव की यह रामलीला अपने 152वें वर्ष में आयोजित हो रही है। गांव में रामलीला के मंचन के लिए पक्का स्टेज का निर्माण कराया गया है। रामलीला समिति के नाम से गांव में मैदान भी है जहां पर लोग एकत्रित होकर के रामलीला देखते हैं। रामलीला में अभिनय गांव के सारे स्थानीय व्यक्ति ही करते हैं।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



