दैनिक समाज जागरण
यशवीर यादव
गुन्नौर- तीखी धूप व उमस भरी गर्मी के बाद रविवार की सुबह को झमाझम बरसात हुई। बारिश होने से से सूख रही फसलों को संजीवनी मिली और किसानों के चेहरे खिल उठे। पानी मिलने से सूखने के कगार पर पहुंची व मुरझा रही फसलों में जान आ जायेगी। बरसात होने से धान के अलावा खरीफ की अन्य फसलों की बढ़वार में तेजी जायेगी। बरसात से भीषण गर्मी व उमस से लोगों को काफी राहत मिली।
साल मई जून का महीना भीषण गर्मी वाला रहा। 40 डिग्री से अधिक तापमान पहुंचने से लोग गर्मी से ब्याकुल हो गये। किसान मानसून आने का इंतजार करते रहे, लेकिन आधे जून का महीना बीत गया। किसान ट्यूबवेल पंपसेट से पानी चलाकर नर्सरी तैयार की तथा उसी के पानी से रोपाई भी किया। काफी इंतजार के बाद 15 जून को मानसून ने दस्तक दे दी दिया। तीखी धूप व उमस भरी गर्मी से धान की रोपी गयी फसलें सूखने, मुरझाने लगी। कुछ दिनों के इंतजार के बाद जब बरसात नहीं हुई तो किसान अपनी फसल बचाने को ट्यूबवेल पंपसेट से पानी चलाने लगे।
रविवार की किरणें फैलते ही मौसम का मिजाज बदला और झमाझम बरसात हुई।
रविवार की सुबह चारो तरफ घनघोर बादल छा गये और हवा के साथ बरसात होने लगी। जिससे किसानों के चेहरों पर रोनक देखने को मिली।
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