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समाज के बहिष्कृत वर्ग की दर्दभरी दास्तां बड़े पर्दे पर लाएगी ‘द आउटकास्ट बड’

बिहार में दूसरे शेड्यूल की शूटिंग पूरी, संजय पाण्डेय समेत कई दमदार कलाकार निभा रहे हैं अहम भूमिकाएं

मुंबई | गिरजा शंकर अग्रवाल

सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हिंदी फीचर फिल्म ‘द आउटकास्ट बड’ The Outcast Bud Movie इन दिनों अपने संवेदनशील विषय और मजबूत कहानी को लेकर चर्चा में है। ओम शांति प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बन रही इस फिल्म के दूसरे शेड्यूल की शूटिंग 26 जून से 4 जुलाई तक सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। फिल्म को बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार की स्वीकृति प्राप्त है।


जातिगत भेदभाव और सामाजिक पीड़ा की मार्मिक कहानी

निर्माता-निर्देशक नीतीश राज ने बताया कि फिल्म की कहानी समाज के उस बहिष्कृत और शोषित वर्ग के संघर्ष को सामने लाती है, जिसे केवल जातिगत भेदभाव के कारण सम्मान, समान अवसर और बुनियादी अधिकारों से वंचित रहना पड़ता है। यह फिल्म केवल सामाजिक अन्याय को नहीं दिखाती, बल्कि एक पिता और बेटी के अटूट रिश्ते, प्रेम, संवेदनाओं और इंसानियत की जीत को भी बेहद भावुक अंदाज में प्रस्तुत करती है।

फिल्म रूढ़िवादी सोच और सामाजिक जंजीरों को तोड़ते हुए प्रेम, समानता और मानवीय मूल्यों का प्रभावशाली संदेश देती है।


संजय पाण्डेय सहित कई कलाकार आएंगे नजर

फिल्म में मशहूर अभिनेता संजय पाण्डेय, सुशील सिंह, सतीश राज, रश्मि पाठक, श्रेया श्रीवास्तव, निशांत पल्लव सहित कई कलाकार अहम किरदार निभा रहे हैं। सभी कलाकारों ने अपने किरदारों को वास्तविकता के करीब लाने के लिए विशेष मेहनत की है।


कहानी और निर्देशन की कमान अनुभवी टीम के हाथों में

फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक नीतीश राज और सुमित मौर्या हैं। कहानी और पटकथा सुमित मौर्या ने लिखी है। उनका कहना है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के उस सच को उजागर करने का प्रयास है, जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। उनका विश्वास है कि फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ सामाजिक सोच को भी नई दिशा देगी।


बिहार बन रहा फिल्म निर्माण का नया केंद्र

नीतीश राज ने बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड तथा बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की फिल्म-हितैषी नीतियों के कारण बिहार अब फिल्म निर्माण के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और रचनात्मक उद्योग को नई पहचान और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।


तकनीकी टीम ने निभाई अहम भूमिका

फिल्म के एसोसिएट डायरेक्टर निखिल श्याम और सौरभ सिंह हैं, जबकि साहिल सरोज असिस्टेंट डायरेक्टर हैं।

कैमरा विभाग में निस्मल नौशाद, अपसील अजोश, संपूर्णानंद और दीप भेंसाला ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। वहीं बिजेंद्र कुमार यादव (फोकस पुल्लर), रंजीत कुमार (साउंड रिकॉर्डिस्ट), आरुषि खेरवाल एवं प्रमोद (आर्ट), जूही सुमन, आनंद शिवाय, रौनक, सिद्धार्थ और राजन (प्रोडक्शन), राहुल और अभिषेक (बीटीएस), गुंजन (हेयर), राजन (मेकअप) तथा विवेक (कॉस्ट्यूम डिज़ाइन) ने फिल्म को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


पटना और चंपारण की खूबसूरत लोकेशनों पर हुई शूटिंग

फिल्म के पहले शेड्यूल की शूटिंग 25 मार्च से 9 अप्रैल तक हुई थी, जबकि दूसरे शेड्यूल की शूटिंग 26 जून से 4 जुलाई के बीच पूरी की गई। फिल्म की शूटिंग पटना, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण की विभिन्न लोकेशनों पर की गई है।


जिला प्रशासन का जताया आभार

निर्माता सुमित मौर्या ने पूर्वी चंपारण के जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीपीआरओ (पीआरडी) और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी का विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से शूटिंग बेहद व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुई।


दर्शकों के दिलों को छूने का दम रखती है ‘द आउटकास्ट बड’

सामाजिक यथार्थ, भावनात्मक रिश्तों, जातिगत संघर्ष और समानता के संदेश को लेकर बनाई जा रही ‘द आउटकास्ट बड’ एक ऐसी फिल्म है, जो मनोरंजन के साथ-साथ समाज को सोचने पर मजबूर करेगी। दमदार कहानी, अनुभवी कलाकारों और मजबूत निर्देशन के दम पर यह फिल्म रिलीज़ से पहले ही फिल्म जगत में चर्चा का विषय बन चुकी है।

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