समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी तेदूए के आतंक से गौराकलां, शंकरपुर, कमौली, बरियासनपुर, रुस्तमपुर, सीवो, चिरईगांव सहित कई गांव के लोग भयभीत है। किसान डरे सहमे है। खेतो की रात में रखवाली करने वाले किसान भी शुक्रवार की रात में खेतो की तरफ भय वश नही गये। उसके बाद भी जिम्मेदार वन विभाग के उच्च अधिकारी त्वरित कदम उठाने के बजाय वेट एंड वाच की राह पर चल रहा है। वन विभाग के इस रवैये से जनता संग जनप्रतिनिधि भी क्षुब्ध है। ग्राम प्रधान गौराकला राजेश कुमार का कहना है कि पब्लिक तेदूए के अभी तक नही पकड़े जाने से आक्रोशित हो रही है। वन विभाग उसे पकड़ने को अभी सर्च कार्यक्रम ही चलाने में व्यस्त है। ऐसे में तो वह फिर किसी को चोट पहुंचा सकता है। कल पूरे आठ घंटे तक तेदूए की लोकेशन एक ही जगह पर रही। तब वन विभाग की टीम संसाधनो के अनुप्लब्धता का रोना रोती रही। अंततः तेदूआ वहा निकल कर दो लोगो को घायल कर दिया। ग्राम प्रधान चिरईगांव रमेश सोनकर, बरियासनपुर के प्रधान पति बब्बू यादव, संदहा पार्षद पति सुबाष यादव, शंकरपुर प्रधान.मुन्ना यादव आदि का कहना है कि ऐसी स्थिति में वन विभाग की टीम और उच्च अधिकारी दोनो की अतिसक्रियता दिखाना होगा। अन्यथा ग्रामीण जनता को भय के माहौल में रहने हेतू विवश होना पड़ रहा है।
डीएफओ स्वाति सिंह का कहना है कि तेंदुआ के पद चिन्हों के अनुसार वह क्षेत्र छोड़कर जा चुका है।फिर भी हमारी टीम क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर रही है।लखनऊ से एक डाक्टरों की टीम भी बनारस आ गयी है।जहां कहीं से भी तेंदुआ मिलने की सूचना मिलेगी वहां टीम तुरन्त पहुंचेगी।वहीं सुबह बरियासनपुर के कुछ शरारती तत्वों ने अफवाह फैला दी कि ईंट भट्ठे पर तेंदुआ दिखायी दिया है।वन विभाग की टीम तुरन्त बरियासनपुर में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।उसके बाद रुस्तमपुर में भी सर्च शुरू किया गया।लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला।तत्पश्चात गौराकलॉ कामाख्या नगर घटना स्थल पर पहुंच आपरेशन शुरू किया।
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