दैनिक समाज जागरण
ब्यूरो शमीम सिद्दीकी
जनपद बिजनौर
बिजनौर में फेयरी लैंड वाटर पार्क की जमीन पर बैंक को कब्जा दिलाने पहुंची टीम को बैरंग लौटना पड़ा। दरअसल वाटर पार्क स्वामी ने परिवार समेत खुद को अंदर बंद कर लिया और तेल उड़ेलकर आत्मदाह की धमकी दी। कर्ज नहीं लौटाने पर उक्त जमीन को बैंक करीब दो करोड़ रुपये में नीलाम कर चुका है।
मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम बैंक अधिकारियों और पुलिस बल को लेकर वाटर पार्क पर पहुंची। टीम को बाहर और अंदर से पार्क के गेट पर ताला लगा मिला। टीम ने ताला खोलने का प्रयास किया तो अंदर मौजूद पार्क स्वामी अब्दुल समी ठेकेदार और उसके परिजनों ने खुद पर तेल उड़ेल लिया और आग लगाने का प्रयास किया। यह नजारा देख टीम में अफरातफरी मच गई। किसी तरह से टीम ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया।
मामला बढ़ता देख सीओ सिटी भी मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। पार्क स्वामी ने टीम को बताया कि उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। आखिरकार टीम बैरंग लौट आई। बताया गया कि समी ठेकेदार ने वाटर पार्क पर पीएनबी से लोन लिया था। लोन न चुकाने की स्थिति में 22 फरवरी 2024 को बैंक ने 3600 गज में बने पार्क को करीब दो करोड़ रुपये में नीलाम कर दिया था। यह नीलामी रोहित कुमार, गुलबहार व डिग्गी के नाम छुटी थी। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। कोर्ट ने 21 अगस्त तक कब्जा दिलाने के आदेश दिए थे।
बताया जा रहा है कि उक्त वाटर पार्क स्वामी ने धारा फाइनेंस कंपनी से भी कर्ज लिया था। कर्ज की अदायगी नहीं होने पर पार्क की करीब दो हजार गज जमीन धारा फाइनेंस कंपनी भी बेच चुकी है। जिस पर खरीदारों ने कब्जा भी ले लिया है। नायब तहसीलदार ने बताया कि नौ जुलाई को हाईकोर्ट ने बैंक को कब्जा दिलाने के आदेश दिए थे।
इसी क्रम में पुलिस फोर्स के साथ कब्जा लेने पहुंचे तो उन्होंने तेल उड़ेल लिया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने की बात कही। फिलहाल कब्जा नहीं लिया जा सका है। पूरे मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।



