अबोलों के बोल थे जननायक कर्पूरी ठाकुर – डॉ. अमरदीप

बाल अधिकार संरक्षण आयोग में मनाई गई जननायक कर्पूरी ठाकुर की 101वीं जयंती

पटना।

बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सभा कक्ष में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 101वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर आयोग के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, सदस्य डॉ. हुलेश मांझी, संगीता ठाकुर, राकेश कुमार सिंह, पदाधिकारी किरणबाला, अलका आम्रपाली, सीमा रहमान, अनिता, पिंकी कुमारी, प्रशांत, राजेश किशन, रजनीश, मुकेश कुमार सहित सभी कर्मियों ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने की।

इस मौके पर आयोग के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने जननायक कर्पूरी ठाकुर से जुड़े संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि वे अबोलों के बोल थे। उनका पूरा जीवन वंचितों, पीड़ितों, शोषितों के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनैतिक उत्थान को समर्पित था। समाजवादी विचारधारा और सामाजिक न्याय की कोई भी बात उनके बगैर पूरी नहीं हो सकती। उनके विचार आने वाली कई पीढ़ियों को राह दिखाते रहेंगे।

सदस्य डॉ. हुलेश मांझी ने कहा कि भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर सादा जीवन और उच्च विचार के पर्याय थे। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कई मील के पत्थर स्थापित किए और समाज पर अमिट प्रभाव छोड़ा।

सदस्य राकेश कुमार सिंह ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर अपने कर्मों के कारण जननायक थे। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से बहुत बड़े कालखंड को प्रभावित किया और बिहार का मान बढ़ाया।

सदस्य संगीता ठाकुर ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि हमें अपने बच्चों को जननायक के जीवन-दर्शन से परिचित कराना चाहिए और उनके आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए।

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