: स्वामी विवेकानंद ने विकट परिस्थितियों में भी किया भारत को मजबूत : अशोक भारद्वाज
दैनिक समाज जागरण, जिला संवाददाता।( महेन्द्र जावला बहल )
भिवानी। राष्ट्रीय युवा दिवस सप्ताह के अंतर्गत माय युवा भारत केंद्र भिवानी, सामाजिक संस्था नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति एवं सदाचारी शिक्षा समिति के संयुक्त तत्वावधान में हनुमान ढाणी स्थित विवेकानंद हाई स्कूल के सभागार में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविद विजेंद्र कुमार ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं को आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है, जिसे आज के समय में आत्मसात करने की अत्यंत आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय संचालिका सावित्री यादव ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षाविद विजेंद्र कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज, समाजसेवी अजय सेठी,सरला अग्रवाल, भीमराव अंबेडकर खेल एवं शिक्षा युवा क्लब के प्रधान मास्टर दयानंद ग्रेवाल, प्राचार्या समी यादव, मास्टर कपिल वर्मा, युवा कार्यकर्ता अमन कुमार हालवास, सुमित मलिक, बबीता बरगूजर, कविता रंगा, अनीता सैनी, उषा देवी, वर्षा देवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि विजेंद्र कुमार एवं विद्यालय संचालिका सावित्री यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने देश और दुनिया को भारतीय संस्कृति का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि भारत की संस्कृति विश्व में अपनी अलग पहचान रखती है, जिसमें शिक्षा, संस्कार और आध्यात्मिकता का विशेष स्थान है। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए।
राष्ट्रीय युवा सप्ताह के संयोजक एवं राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए सच्चे प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी भारत को मजबूत बनाने का संदेश दिया। स्वामी विवेकानंद के विचारों से न केवल भारत, बल्कि पूरा विश्व शिक्षा ग्रहण करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि प्रत्येक भारतीय के जीवन दर्शन में स्वामी विवेकानंद का जीवन वृतांत अवश्य होना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षकों एवं युवाओं ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।



