google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

टीएमयू को आईबीएम नेशनल हैकाथॉन-2026 में मिला संस्थागत उत्कृष्टता सम्मान, डॉ. अमित सिंह भी सम्मानित

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू), मुरादाबाद ने तकनीकी शिक्षा, नवाचार, उद्योग-शिक्षा साझेदारी और विद्यार्थियों के कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर दोहरी उपलब्धि हासिल की है। आईबीएम एक्सपर्ट लैब्स नेशनल हैकाथॉन-2026 में विश्वविद्यालय को ‘सर्टिफिकेट ऑफ इंस्टीट्यूशनल एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया गया। वहीं, टीएमयू के डॉ. अमित सिंह को उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और नेतृत्व के लिए ‘सर्टिफिकेट ऑफ इंडिविजुअल एक्सीलेंस’ प्रदान किया गया।

कोयंबटूर स्थित श्री रामकृष्ण कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस में आयोजित हैकाथॉन के समापन समारोह में आईबीएम टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट लैब्स-आईएसए के कंट्री मैनेजर जगदीश भाट ने दोनों सम्मान प्रदान किए। इन सम्मानों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार और उद्योग के साथ बढ़ते सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर

टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उद्योग और विश्वविद्यालयों के बीच मजबूत संबंध विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टीएमयू और आईबीएम का सहयोग विद्यार्थियों के तकनीकी एवं व्यावसायिक विकास की दिशा में दूरदर्शी पहल है।

ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन ने कहा कि तकनीकी शिक्षा तभी प्रभावी बनती है, जब उसका सीधा संबंध उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से हो। वहीं, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने नवाचार, कौशल विकास और उद्योग आधारित शिक्षा को उच्च शिक्षा की प्रमुख जरूरत बताया।

विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वीके जैन ने कहा कि टीएमयू विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक दक्षता, तकनीकी क्षमता और रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने कहा कि उद्योग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं से जोड़ती है। आईबीएम की ओर से प्राप्त सम्मान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।

टीएमयू-आईबीएम सहयोग को मिली नई पहचान

कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (सीसीएसआईटी) के वाइस प्रिंसिपल प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि यह दोहरी उपलब्धि टीएमयू और आईबीएम के बीच मजबूत होते शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग का प्रमाण है।

उन्होंने बताया कि टीएमयू और आईबीएम के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत संचालित बीटेक-आईबीएम सहयोगात्मक कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी ज्ञान और कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

मनीष जैन ने दी बधाई

सम्मान प्राप्त होने के बाद सीसीएसआईटी के वाइस प्रिंसिपल प्रो. अशोक कुमार और डॉ. अमित सिंह ने टीएमयू के ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मनीष जैन ने दोनों को बधाई दी और विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।

टीएमयू को संस्थागत उत्कृष्टता और डॉ. अमित सिंह को व्यक्तिगत उत्कृष्टता के लिए मिले सम्मान से तकनीकी शिक्षा, नवाचार तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)