तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के विधि संकाय की ओर से भारत में दहेज निषेध कानूनों के सामाजिक प्रभावः विकसित भारत @ 2047 की ओर एक कदम पर दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस का समापन
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के विधि संकाय की ओर से दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार तकनीकी सत्रों में 63 रिसर्च पेपर्स और 200 पोस्टर्स प्रजेंट किए गए। तकनीकी सत्रों में केआर मंगलम यूनिवर्सिटी-गुरुग्राम, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी-बैंगलूरु, उड़ीसा के भुवनेश्वर की एक्सआईएम यूनिवर्सिटी और शिक्षा ओ अंनुसंधान डीम्ड यूनिवर्सिटी, बीएचयू आदि के रिसर्च स्कॉर्ल्स, प्रोफेसर्स, स्टुडेंट्स ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। चार पैनल डिसक्सन में यूजीसी के डिप्टी सेक्रेटरी श्री विनोद सिंह यादव, डीयू की लॉ फैकल्टी डॉ. निधि सक्सेना, राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के डॉ. अमनदीप, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के डॉ. देवेन्द्र के संग-संग टीएमयू के लॉ कालेज के प्रो. मनीष यादव, डॉ. सुशीम शुक्ला, डॉ. राकेश कुमार बतौर चेयर पर्सन मौजूद रहे। वेलेडेटरी सेशन में टीएमयू के कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज़ के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार बतौर मुख्य अतिथि, लॉ के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित, एचओडी डॉ. अमित वर्मा, डॉ. माधव शर्मा, डॉ. नम्रता जैन, डॉ. कृष्ण मोहन मालवीय, डॉ. करिश्मा अग्रवाल आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। अंत में सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट्स और मेडल देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है, भारत में दहेज निषेध कानूनों के सामाजिक प्रभावः विकसित भारत @ 2047 की ओर एक कदम पर दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ।

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