कटनी। कटनी जिले के बड़वारा तहसील क्षेत्र स्थित विलायत कला के स्वर्ग नगरी तीर्थ धाम में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बड़े उत्साह और परोपकार की भावना के साथ मनाया गया। स्वर्ग नगरी तीर्थ धाम के संस्थापक, पूजनीय श्री त्यागी महाराज जी के प्रति श्रद्धा रखने वाले भक्तों का तांता सुबह से ही आश्रम में लगा रहा। इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम ने समाज के जरूरतमंद तबके के लिए अपनी करुणा का हाथ बढ़ाया।
हर साल की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा पर बड़ी संख्या मे जरूरतमंद व्यक्तियों को छाते, किसानों को जूते और छात्राओं को किताबें एवं कलम भेंट किए गए। यह पहल श्री त्यागी महाराज जी के ‘सेवा परमो धर्म:’ के सिद्धांत को दर्शाती है, जहाँ वे लगातार समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रयासरत रहते हैं। सामग्री वितरण के साथ-साथ, आश्रम में रामायण पाठ और वृक्षारोपण जैसे पुण्य कार्य भी आयोजित किए गए, जो आध्यात्मिक और पर्यावरणीय चेतना का संचार करते हैं।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर, श्री त्यागी महाराज जी का सम्मान चंदिया महाविद्यालय तक भी पहुँचा, जहाँ महाविद्यालय की छात्राओं ने उनका पूरे सम्मान के साथ पूजन और स्वागत किया। अपने संबोधन में, त्यागी महाराज जी ने सैकड़ों छात्राओं को गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुरु पूर्णिमा का वास्तविक अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि “प्रत्येक छात्रा और व्यक्ति के जीवन में गुरु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गुरु के बिना मंजिल मिलना मुश्किल है।” महाराज जी ने इस बात पर जोर दिया कि “गुरु का आदर और सम्मान अवश्य करना चाहिए, क्योंकि गुरु ही एकमात्र वह साधन है जो हमें हमारी मंजिल तक पहुंचा सकता है।” उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व और गुरु के मार्गदर्शन के बिना जीवन में आने वाली कठिनाइयों को समझाया, जिससे छात्राओं को गुरु की महिमा का गहरा बोध हुआ।
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