समाज जागरण डेस्क नोएडा/लखनऊ
नोएडा प्राधिकरण के रवैया से आहत वेंडर 09 अगस्त को लखनऊ विधान सभा का करेंगे घेराव। प्राधिकरण के द्वारा शासनादेश नही माने जाने और वेंडर को यह कहना कि नोएडा से बाहर चले जाओ से वेंडर आहत है। रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा लखनऊ जिलाधिकारी को मेल के द्वारा प्रेषित ज्ञापन से इस आशय की जानकारी मिली है।
रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री श्याम किशोर गुप्ता ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया है कि नोएडा प्राधिकरण के अफसर कहते है हम शासनादेश नही मानते है आप लोग नोएडा से बाहर चले जाओ तो ठीक है हम लोग अब नोएडा प्राधिकरण जाने के बजाय लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री जी से गुहार लगायेंगे की हमे बता दिया जाय की हम लोग कहाँ जाये?
श्री गुप्ता ने बताया है कि हम लोग 9 अगस्त को लखनऊ विधान सभा के सामने पहुंचेंगे और समाधान के साथ ही लौटेंगे, अन्यथा नही लौटेंगे। जब तक समाधान नही तब तक वापसी नही । पथ विक्रेता अधिनियम 2014 चाहिए और कुछ नही। पूरे प्रदेश से वेंडर अपने अपने वाहन से वहाँ पहुँचेंगे।
जिलाधिकारी लखनऊ को प्रेषित ज्ञापन में कुछ प्रमुख मांग शामिल है :
- पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ-विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 (अधिनियम संख्या 7 सन् 2014) की धारा 36 के अनुसार वेंडिंग जोन का पूर्ण रूप से निर्माण कर वेंडर को मूल सुविधाएं बिजली पानी शौचालय छाया आदि मुहैया कराए जाने के बाद ही मेंटेनेंस शुल्क मांगा जाए ।
- पथ विक्रेता अधिनियम 2014, पथ विक्रेता नियमवाली 2017 ही चाहिए अन्य कुछ नहीं ।
- प्रत्येक पांच वर्ष में वेंडर का पुनः सत्यापन/सर्वे किया जाए |
- वेंडर को हटाए जाने से पूर्व वेंडिंग ज़ोन का निर्माण करा जाए व छोटे – छोटे वेंडिंग जोन बनाए जाए जिनमे वेंडर की एक सीमित संख्या हो ।
- वेंडर के आवंटन पश्चात स्थानीय पुलिस को उनकी सूची देकर समय समय पर जांच करवाई जाए वेंडिंग जोन से अतिरिक्त कोई वेंडर्स अवैध रूप से कार्य न करें ।
- प्राधिकरण द्वारा जब भी वेंडर को हटाने की कार्यवाही करी जाए तो वर्क सर्कल अधिकारियों के साथ टीवीसी सदस्य भी मौजूद हो जिन्हे अवैध अतिक्रमण पर कार्यवाही करे जाने का पत्र जारी कर दिया जाए व मोके पर वेंडर को पत्र दिखाकर ही वेंडर को हटाए जाने की प्रक्रिया की जाए |
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