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विश्वप्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सलोनी प्रिया ने दिया अभिभावकों को सही पालन पोषण का मूलमंत्र



-सनबीम स्कूल अगरसंडा के प्रांगण में
-कहा बच्चों में हो रहे परिवर्तन को अनिवार्य रूप से संज्ञान में लें अभिभावक

शशिकांत ओझा, ब्यूरो चीफ, समाज जागरण

बलिया : यदि एक माली जागरूक हो तो बाग का प्रत्येक पुष्प अपनी सुगंध और सुंदरता संग खिल जाता है। उसी प्रकार सक्रिय प्रबंध तंत्र व शिक्षकों के प्रयास से बच्चा-बच्चा ज्ञान से खिल जाता है। तेजी से बदलते शैक्षिक तकनीक में बच्चों के मानसिक अवस्था को सुदृढ़ करने व सकारात्मक पहलुओं को समाहित करने के उद्देश्य से माता-पिता, अभिभावकों को भी बच्चों की मनोदशा के प्रति जागरूक करने के के लिए बलिया के अगरसंडा स्थित सनबीम स्कूल में विश्व विख्यात मनोवैज्ञानिक सलोनी प्रिया की कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सायंकालीन सत्र में द आर्ट एंड साइंस ऑफ पेरेंटिंग के अंतर्गत अभिभावकों को व बच्चों के मनोवृत्ति, जिज्ञासा, बदलाव के विषय में बड़े बारीकी से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में हो रहे परिवर्तन को संज्ञान में लें। उनकी अवस्था के अनुसार अपने शब्दों व शैली में परिवर्तन लाएं। उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ें। अंत में उन्होंने अभिभावकों के प्रश्नों का बड़े सटीकता से तार्किक प्रत्युत्तर देकर संतुष्ट किया एवम् अभिभावकों के मन में बैठी असमंजसता को भी दूर किया। विदित हो कि मनोवैज्ञानिक महोदया ने विद्यालय के 15 शिक्षकों को भी काउंसलिंग ट्रेनिंग देने का निश्चय किया। विद्यालय के निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह ने कहा कि उच्चस्तरीय कौशलयुक्त व्यापक होती आधुनिक शिक्षा का प्रभाव बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होने कहा, वे दबाव महसूस न करें अथवा तनावग्रस्त न हों। इसका ध्यान सनबीम स्कूल सदैव करता है। आज का यह आयोजन भी जटिल तनावग्रस्त समस्याओं के समाधान के निमित्त ही किया गया है। अभिभावक बच्चों को पर्याप्त समय देकर उनकी दुविधा की स्थिति को दूर कर सकते हैं। समस्या चाहे जैसी भी हों। समाधान अवश्य होता है। बस जरूरत होती है समय रहते प्यार, दुलार, सलीके से सुझाव देने की और मित्रवत व्यवहार करने की ताकि विकासपरक अध्ययन के क्षेत्र में वे खुलकर सांस ले सकें। पहले स्थितियां ऐसी नहीं थी परंतु बदलते परिवेश में कला व विज्ञान के साथ सुझाव की भी आवश्यकता है। प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह ने कहा कि बच्चों को मनोवैज्ञानिक सलाह भी चाहिए ताकि निर्बाध वे अपने प्रगति की राह में आगे बढ़ते रहें। उन्हें अलगाव की स्थिति में न आने दें। बच्चे की रुचि जिस विषय में है उसे वही चुनने दें। इस अवसर पर एडमिन एसके चतुर्वेदी, हेडमिस्ट्रेस सहरबानो, कोऑर्डिनेटर्स पंकज सिंह, नीतू पांडेय, प्रशांत उपाध्याय, निधि सिंह सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित थे। संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक राजेश विक्रम सिंह व पूजा पांडेय ने किया।


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